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घोटालेबाज एडीओ पर 75 लाख के गबन, धोखाधड़ी का मुकदमा

घोटालेबाज एडीओ पर 75 लाख के गबन, धोखाधड़ी का मुकदमा

पंचायती राज विभाग के घोटालेबाज एडीओ पंचायत, आफिस के क्लर्क समेत पांच लोगों के खिलाफ 75 लाख की धोखाधड़ी और गबन का इज्जतनगर थाने में मुकदमा दर्ज किया गया है। एडीओ ने घोटाले के लिये अपनी फैमिली को ही प्राइवेट लिमिटेड कंपनी बना डाला था। उन्होंने परिवार के नाम पर सिंह ट्रेडर्स कंपनी बनाई और पत्नी के नाम पर गोदाम ले रखा था।

 डीपीआरओ विनय कुमार सिंह ने बताया कि बहेड़ी में पंचायत प्रिंटिंग एवं स्टेशनरी उद्योग के व्यवस्थापक रहे एडीओ पंचायत योगेंद्रपाल सिंह ने 2016-17 में 31 लाख रुपये का घोटाला किया। इसके बाद अपने परिवार के लोगों के नाम पर सिंह ट्रेडर्स कंपनी बना डाली। कंपनी के नाम और कर्मचारी परमेश्वरी दयाल, छत्रपाल, सुनील कुमार के नाम से लाखों रुपये के नकद भुगतान करा डाला। जिन तारीखों में एडीओ पंचायत छुट्टी पर रहे। उन दिनों में भी कई चेकों का भुगतान किया गया। खलीलनगर पंचायत उद्योग की जांच में भी बड़ा फर्जीवाड़ा सामने आया है। संस्था में तैनात कर्मचारियों और परिवार की कंपनी सिंह ट्रेडर्स के नाम पर 43 लाख रुपये का नकद भुगतान किया गया है। डीपीआरओ के निरीक्षण के दौरान भारी गड़बड़ी मिली। छुट्टी पर रहने के बावजूद एडीओ पंचायत ने अपने पद का दुरुपयोग कर रुपयों का लेनदेन किया। जिस पर डीपीआरओ ने जवाहर पंचायत उद्योग खलीलपुर के बैंक खाते विकास भवन में बैंक आफ बड़ौदा में निकासी पर रोक लगा दी है। खाते को सील कर दिया गया है। डीपीआरओ की तहरीर पर एडीओ योगेंद्र पाल सिंह, क्लर्क परमेश्वरी दयाल समेत पांच लोगों पर धोखाधड़ी, गबन, जालसाजी के आरोप में इज्जतनगर थाने में मुकदमा दर्ज किया गया है।

एडीओ ने नहीं माना सीडीओ का आदेश

सीडीओ ने बीस जुलाई को एडीओ पंचायत योगेंद्र पाल सिंह का ट्रांसफर भदपुरा ब्लाक में किया था। 21 जुलाई को उन्होंने आदेश की कापी रिसीव कर ली। इसके बावजूद ज्वाइन नहीं किया। 23 जुलाई से लेकर 10 अगस्त तक छुट्टी पर चले गये।

डीपीआरओ के निरीक्षण में भी मिले गायब, नहीं हो पाया पूरा रिकार्ड

डीपीआरओ के निरीक्षण के दौरान भी एडीओ पंचायत योगेंद्र पाल सिंह गायब रहे। इसकी वजह से कई अभिलेखों की जांच पड़ताल नहीं हो पाई। गोदाम में 2000 शौचालयों की सीट, पांच सौ दरवाजे रखे मिले। इसके अलावा सेनैट्री नैपकिन की कार्यशाला के लिये नौ लाख रुपये दिये गये थे। खलीलपुर में उसका निर्माण होना था। उसे भी मानकों के अनुरूप नहीं बनाया गया। जितनी बार भी निरीक्षण किया गया। उतनी बार एडीओ गायब मिले।

आफिस के ड्राइवर से घरेलू काम कराते हैं एडीओ

डीपीआरओ ने अपनी जांच रिपोर्ट में कहा है कि खलीलपुर में तैनात कर्मचारी सुनील कुमार और छत्रपाल सिंह के बयान दर्ज किये गये हैं। इसमें छत्रपाल सिंह ने कहा कि उन्हें आफिस मे तैनात करने के लिये भेजा गया था। खलीलपुर पंचायत उद्योग के बाबू प्रेमपाल ने उन्हें आदेश नहीं दिया। सस्पेंशन की धमकी दी। एडीओ अपनी निजी गाड़ी चलवाते हैं। घरेलू नौकर की तरह रखा गया। वहीं सुनील कुमार का कहना है कि सस्पेंशन की धमकी देकर एडीओ ने उनके खाते से जबरन नकद रुपये निकलवाये।

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  • Web Title:Scam fraud case on ADO 75 lakh fraud case