
पुरानी चोट और गठिया के दर्द से राहत दे रही फिजियोथेरेपी
Bareily News - लाइफ स्टाइल में नियमित व्यायाम की कमी और लंबे समय तक कुर्सी पर बैठने से बुजुर्गों और अधेड़ उम्र के लोगों में गठिया का दर्द बढ़ रहा है। फिजियोथेरेपी इस दर्द से राहत देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही...
लाइफ स्टाइल में नियमित व्यायाम की कमी और कुर्सी पर लगातार घंटों बैठे रहने की मजबूरी बुजुर्गों के साथ ही अधेड़ उम्र के लोगों को भी गठिया का दर्द दे रहा है। गठिया और पुरानी चोट के दर्द से निजात दिलाने में इस समय फिजियोथेरेपी की भूमिका लगातार बढ़ती जा रही है। समय के साथ अब हड्डी के बड़े आपरेशन के बाद फिजियोथेरेपी भी इलाज का हिस्सा बन गई है। फिजियोथेरेपी के प्रति लोगो को जागरुक करने के लिए हर साल 8 सितंबर को विश्व फिजियोथेरेपी दिवस मनाया जाता है। इस साल विश्व फिजियोथेरेपी दिवस की थीम है स्वस्थ उम्र बढ़ना।

फिजियोथेरेपी की भूमिका मुख्य रूप से मरीज की दिनचर्या को बेहतर बनाने में है। कई बार हाथ-पैर की हड्डी का बड़ा आपरेशन होने के बाद पुन: उसी स्थिति में आने में दिक्कत होती है। ऐसे में नियमित और सही फिजियोथेरेपी परेशानी कम कर सकता है। खुशलोक अस्पताल के फिजियोथेरेपिस्ट शशांक शुक्ला ने बताया कि अधिक देर तक कुर्सी पर काम करने की वजह, गर्दन का सही एंगल पर नहीं होना और कुर्सी की बनावट भी सेहत पर असर डालती है। इससे शरीर के अलग-अलग हिस्से में दर्द हो सकता है और उससे निजात दिलाने में फिजियोथेरेपी कारगर है। गठिया पीड़ित मरीजों के लिए नियमित फिजियोथेरेपी के काफी सकारात्मक परिणाम रहे हैं।

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