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12 अगस्त, 2020|11:15|IST

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चौथे दिन भी रेस्क्यू टीम लौटी खाली हाथ, बाघिन का नहीं चला पता

चौथे दिन भी रेस्क्यू टीम लौटी खाली हाथ, बाघिन का नहीं चला पता

रबड़ फैक्ट्री परिसर में बाघिन वन अधिकारियों के लिए मुसीबत बन चुकी है। चार दिन से रेस्क्यू टीम बाघिन की तलाश में लगी है। बाघिन का कोई अता पता ही नहीं। बुधवार को टीम ने बाघिन की तलाश के लिए ढोल बजा कर शोर मचाया था। फिर भी बाघिन बाहर नहीं आई। गुरुवार की सुबह से लेकर शाम तक वन विभाग की टीमें बाघिन की तलाश में जुटी रहीं। आखिरकार शाम को मायूस होकर वापस लौट आईं।

वन अधिकारियों का कहना है, बाघिन फैक्ट्री परिसर के बफर जोन के किसी गोदाम के अंदर चली गई है। बफर जोन में कुछ ऐसे स्थान हैं। जो अंडर ग्राउंड बने हुए हैं। संभवत: बाघिन वहीं छुपी है। सीसीटीवी कैमरों की संख्या बढ़ा दी गई है। आठ वायरलेस कैमरे और लगाए गए हैं। कभी न कभी बाघिन अवश्य ही ट्रेंकुलाइज टीम के टारगेट पर आएगी।

13 मार्च से ऑपरेशन टाइगर चलाया जा रहा है। देहरादून वाइल्ड लाइफ इस्टीट्यूट, जिम कार्बेट, दुधवा नेशनल पार्क, पीलीभीत टाइगर रिजर्व, कानपुर जू, डब्ल्यूडब्ल्यूएफ, डब्ल्यूटीआइ की टीमों ने ऑपरेशन चलाया। विशेषज्ञों की तमाम योजनाएं बाघिन के आगे फेल हो चुकी हैं। 15 लाख से अधिक रुपए खर्च हो चुके हैं। फैक्ट्री परिसर के 36 स्थानों पर सेंसर कैमरे लगे हैं।

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  • Web Title:Rescue team returned empty-handed even on the fourth day the tigress was not found