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बरेलीसमाधि से किशोर का दोबारा शव उठा लाई पुलिस

हिन्दुस्तान टीम,बरेलीPublished By: Newswrap
Tue, 01 Jun 2021 03:30 AM
समाधि से किशोर का दोबारा शव उठा लाई पुलिस

अलखनाथ मंदिर से जुड़े सिविल लाइंस के नव दुर्गा मंदिर में पुजारी की कुकर्म के बाद हत्या की बात सामने आने के बाद पुलिस में खलबली मच गई। आनन-फानन में पूरी पोस्टमार्टम रिपोर्ट का विश्लेषण किया गया। कई अन्य चिकित्सकों से भी राय ली गई। इसके बाद पुलिस देर रात समाधि से पुजारी का शव उठा लाई। मंगलवार को शव का डॉक्टरों के पैनल से पोस्टमार्टम कराया जायेगा। उसकी वीडियोग्राफी भी कराई जाएगी।

सिविल लाइंस के नवदुर्गा मन्दिर में सोमवार को किशोर का शव फांसी पर लटका मिला था। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में कुकर्म के बाद गला दबाकर हत्या के संकेत मिले थे। डॉक्टर की रिपोर्ट के बाद पूरे मामले में खलबली मच गई। कोतवाली पुलिस पहले इसे आत्महत्या मान कर चल रही थी। पुलिस का दावा था कि शव पर कोई चोट खरोच संघर्ष के निशान नहीं है। इस वजह से आत्महत्या है । लेकिन डॉक्टर की रिपोर्ट ने पुलिस की पूरी थ्योरी बदल दी। शाम को पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद मामले की सूचना एसएसपी को दी गई। इसके बाद एसएसपी ने कई अन्य डॉक्टर से पोस्टमार्टम रिपोर्ट को लेकर बातचीत की। इसके बाद सिविल लाइंस हनुमान मंदिर के बाबा गब्बर गिरी से बात कर शव की समाधि को रुकवाया गया। देर रात इंस्पेक्टर कोतवाली पंकज पंत ने किशोर पुजारी के शव को कब्जे में लिया है। मंगलवार को शव का पोस्टमार्टम कराया जायेगा।

पोस्टमार्टम रिपोर्ट को लेकर एसएसपी का दावा

एसएसपी रोहित सिंह सजवाण ने सोमवार देर रात तक पोस्टमार्टम रिपोर्ट का बारीकी से अध्ययन किया। एसएसपी ने दावा किया है कि पोस्टमार्टम में गड़बड़ी की गई है। डॉक्टर ने सही ओपिनियन नहीं दी है। उनकी रिपोर्ट में कई विरोधाभास हैं। इस वजह से वह शव का दोबारा पोस्टमार्टम करवा रहे हैं। एसएसपी किशोर की मौत को आत्महत्या मान रहे हैं।

एसएसपी की नजर से आत्महत्या

0 शव ज्यादा देर तक लटके रहने की वजह से भी ट्रेकिया टूट जाता है। इसका मतलब यह नहीं की गला दबाकर हत्या की गई।

0 गुप्तांगों से स्रव आना कुकर्म नहीं है। आत्महत्या में भी ऐसा होता है। शरीर के कई अंग बढ़ जाते हैं।

0. शरीर गले में किसी तरह के चोट संघर्ष खरोच के निशान नहीं हैं

0 कुकर्म गला दबाकर हत्या के मामले में शरीर पर छोटे और खरोच आनी चाहिए थी

0. मंदिर का दरवाजा अंदर से बंद था। इससे साफ जाहिर है कि मंदिर के बाहर घटना के बाद कोई नहीं आया।

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