DA Image
हिंदी न्यूज़   ›   उत्तर प्रदेश  ›  उफनी रामगंगा में बही गोरा लोकनाथपुर की पटरी, पुल से नदी पार कर रहे हैं लोग

बरेलीउफनी रामगंगा में बही गोरा लोकनाथपुर की पटरी, पुल से नदी पार कर रहे हैं लोग

हिन्दुस्तान टीम,बरेलीPublished By: Newswrap
Mon, 24 May 2021 10:30 PM
उफनी रामगंगा में बही गोरा लोकनाथपुर की पटरी, पुल से नदी पार कर रहे हैं लोग

उफनी रामगंगा में गोरा लोकनाथपुर में बनी लकड़ी की पटरी बह गई। पटरी बहने से परेशान लोग निर्माणाधीन पुल से नदी को पार कर रहे हैं। रामगंगा के पानी में खादर के गांवों की अधिकांश पालेज पानी में डूबने से बर्बाद हो गई हैं। पानी में बह रही फसल को निकालने की ग्र्रामीणों में होड़ मच गई। लोग नदी में कूद कर पानी में बह रहे तरबूज खरबूज को बाहर निकालने में जुटे हैं। तहसीलदार ने राजस्व कर्मचारियों से किसानों को हुए नुकसान की रिपोर्ट मांगी है।

विक्षोभ से पहाड़ों पर हुई मूसलाधार बारिश से रामगंगा उफन गई है। उफनी रामगंगा में गांव गोरा लोकनाथपुर में गोरा बसंतपपुर घाट पर नदी पार करने को बनी लकड़ी के तख्तों की पटरी रविवार की रात में बह गई। पटरी रामगंगा के निर्माणाधीन पुल के पास थी। पुल के पश्चिमी में पानी में नाव फंसी है। पानी बढ़ने से लोग नाव तक नहीं पहुंच पा रहे हैं। लोग जरूरी काम निपटाने को निर्माणाधीन पुल से रामगंगा को पार कर रहे हैं। पुल पर अभी मजार के पास पुलिया नहीं बनी है। रोड भी कच्चा है। गोरा के प्रमोद शर्मा ने बताया पटरी से प्रतिदिन 5000 लोग रामगंगा को पार करते हैं। इस घाट से रामनगर और आंवला की दूरी कम हो जाती है।

रामगंगा के खादर के गांवों की अधिकांश पालेज पानी में डूब गई है। लभेड़ा पुरोहित के संतोष शर्मा ने बताया करौरा से अम्बरपुर तक लगभग एक हजार बीघा पालेज पानी में डूब गई। पूर्व प्रधान मोहन स्वरूप दिवाकर ने बताया गांव की 95 प्रतिशित पालेज पानी में डूबने से नष्ट हो गई। पालेज में कल्ले निकल रहे थे। जिन पर शीघ्र फल आते। कुपित रामगंगा ने पालेज की खेती करने वाले किसानों को बर्बाद कर दिया। किसान अचानक हुई बर्बादी से सदमे में हैं।

वहीं रामगंगा में बह रही तरबूज, खरबूज, काशीफल, लौकी को कब्जे में लेने की ग्रामीणों में होड़ मच गई। ग्रामीण फसल को बाहर निकालने को नदी में कूद पड़े। तैराक खरबूज, तरबूज को पकड़ कर प्लास्टिक के बोरों में भर कर बाहर जमा कर रहे हैं। यह लोग आपदा में अवसर तलाश रहे हैं। तहसीलदार अरविंद तिवारी ने बताया नदियों में एकाएक पानी बढ़ने से पालेज पानी में डूबने से किसानों को क्षति हुई है। राजस्व कर्मचारियों को किसानों की हुए नुकसान का आंकलन कर रिपोर्ट देने का निर्देश दिया है।

फोटो संख्या 01, 02, 03

संबंधित खबरें