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बरेलीऑक्सीजन कालाबाजारी मामले में पारस गुप्ता की मिली अग्रिम जमानत

हिन्दुस्तान टीम,बरेलीPublished By: Newswrap
Tue, 01 Jun 2021 03:40 AM
ऑक्सीजन कालाबाजारी मामले में पारस गुप्ता की मिली अग्रिम जमानत

कोरोना संक्रमितों को 40 हजार में आक्सीजन सिलेंडर देने के चर्चित मामले में पुलिस की लापरवाही का लाभ आरोपी पारस गुप्ता को आखिरकार मिल ही गया। प्रभारी जिला जज सत्यदेव गुप्ता की अदालत ने ऑनलाइन सुनवाई के बाद आरोपी पारस गुप्ता को विवेचना के दौरान वाहर जाने पर पाबंदी लगाते हुए पांच शर्तों का पालन करते हुए अग्रिम जमानत देने का आदेश पारित किया है। अदालत ने आरोपी को पचास-पचास हजार के दो जमानती पेश करने का भी आदेश दिया है।

बीते दिनों कोरोना संक्रमितों को ऑक्सीजन सिलेंडर की सप्लाई करने को समाजसेवी पारस गुप्ता ने सोशल मीडिया में अपना मोबाइल नम्बर वायरल किया था। कुछ दिनों बाद पारस गुप्ता का एक ऑडियो वायरल हुआ जिसमें वह चालीस हजार में ऑक्सीजन सिलेंडर देने की बात कह रहा था। आडियो वायरल होने के बाद ड्रग इंस्पेक्टर उर्मिला वर्मा ने थाना प्रेमनगर में आशीष रॉयल पार्क निवासी पारस गुप्ता के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराने को तहरीर दी थी। प्रेमनगर पुलिस ने इस गम्भीर मामले में मात्र धोखाधड़ी और आपदा प्रबंधन अधिनियम में आरोपी पारस गुप्ता के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर शुरुआत में ही लापरवाही कर दी थी। जबकि कोरोना संक्रमण काल मे ऑक्सीजन कालाबाजारी से जुड़े इस प्रकरण में गम्भीर धाराओं में एफआईआर दर्ज होनी चाहिये थी। इस केस के विवेचक ने भी विवेचना में तमाम लापरवाही बरती। सूत्रों के मुताबिक आक्सीजन का सिलेंडर 40 हजार में बेचने के सम्वन्ध में विवेचक ने किसी कोरोना संक्रमित मरीज के परिजन या तीमारदार तक के बयान केस डायरी में अंकित नही किये। वही इस केस की विवेचना बीती 22 मई को क्राइम ब्रांच में ट्रांसफ़र होने के बाद से विवेचना भी आगे नही बढ़ सकी है। आक्सीजन कालाबाजारी के आरोप में फंसे पारस गुप्ता ने गिरफ्तारी से बचने को अपने अधिवक्ता भूपेंद्र भड़ाना के द्वारा जिला जज की कोर्ट में अग्रिम जमानत को अर्जी दी थी। पारस गुप्ता ने अग्रिम जमानत अर्जी में दलील दी कि उसका आक्सीजन गैस का कोई कारोबार नहीं है। उसने किसी के साथ आक्सीजन कालाबाजारी भी नही की है। शहर की राजनीति के कारण मात्र एक आडियो वायरल होने पर उसके खिलाफ एफआईआर दर्ज करायी गयी। जबकि उस वायरल ऑडियो की आवाज की जांच भी नही करायी गयी है। पारस गुप्ता ने अदालत से अग्रिम जमानत पर रिहा करने की गुहार की थी। सोमवार को जिला जज की अदालत की जमानत अर्जियो पर प्रभारी जिला जज सत्यदेव गुप्ता की अदालत ने ऑनलाइन सुनवाई की। सुनवाई के दौरान आक्सीजन कालाबाजरी के इस चर्चित मामले की केस डायरी को लेकर पूर्व विवेचक कचहरी पर पहुँचा था। दोनो पक्ष की दलीलों को सुनने के बाद प्रभारी जिला जज की अदालत ने पांच शर्तो समेत पारस गुप्ता को अग्रिम जमानत पर रिहा करने के आदेश दे दिये।

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