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बरेली

रामगंगा पुल पर ओएचई लाइन का विवाद एक साल बाद भी अनसुलझा

हिन्दुस्तान टीम,बरेलीPublished By: Newswrap
Tue, 03 Nov 2020 07:12 PM
रामगंगा पुल पर ओएचई लाइन का विवाद एक साल बाद भी अनसुलझा

कासगंज से बरेली सिटी तक ओवरहेड इलेक्ट्रिक लाइन डाल दी गई है। रामगंगा पुल के ऊपर लाइन डालने को लेकर दो रेल डिवीजन के बीच एक साल बाद भी विवाद अनसुलझा ही है। उत्तर रेलवे कोई जवाब ही नहीं दे रहा है। इज्जतनगर डिविजन ने अपने सेक्शन में कार्य पूरा कर दिया। रामगंगा पुल पर उत्तर रेलवे मुरादाबाद रेल मंडल में आता है। करीब 800 मीटर पुल पर ओएचई लाइन मुरादाबाद डिवीजन को डलवानी है। इज्जतनगर रेल मंडल की ओर से इस संबंध में कई बार पत्र लिखे जा चुके हैं। जिससे पुल के ऊपर ओएचई लाइन का विवाद हमेशा को समाप्त हो जाए। मुरादाबाद डिवीजन इस संबंध में कोई जवाब ही नहीं दे रहा।

तीसरे चरण का चल रहा ओएचई का काम

इज्जतनगर रेल मंडल में ओएचई लाइन डालने का कार्य पांचवें चरण में बरेली से भोजीपुरा सेक्शन में किया जा रहा है। पहले चरण में मथुरा से कासगंज। दूसरे चरण में कासगंज से बदायूं, चौथे चरण चरण में बदायूं से बरेली सिटी। पांचवें चरण में बरेली सिटी से भोजीपुरा- पीलीभीत सेक्शन में ओएचई लाइन डालने का कार्य हो रहा है। बदायूं से बरेली के बीच जब लाइन डाली गई, तभी इज्जतनगर डिविजन ने मुरादाबाद को पत्र जारी किया था कि रामगंगा पुल के ऊपर ओएचई का कार्य पूरा करवाया जाए

डीजल गाड़ियों से रेलवे का खर्चा अधिक

रेल अधिकारियों का कहना है, बरेली से कासगंज तक और कासगंज से फर्रुखाबाद,कानपुर तक ओएचई लाइन कंप्लीट है। इसी तरह से कासगंज से मथुरा तक काम पूरा है। मगर बरेली में रामगंगा पुल पर सीमा विवाद के चलते यह लाइन करीब 90 मीटर तक पुल के ऊपर अधूरी है। इसलिए इस रूट पर बरेली से इलेक्ट्रिक इंजन वाली माल गाड़ियों का संचालन भी नहीं रहा है। जब रामगंगा पुल पर ओएचई लाइन पड़ जाएगी। तब बरेली सिटी से कासगंज, फर्रुखाबाद, मथुरा को गाड़ियां इलेक्ट्रिक इंजन से चलने लगेंगी। डीजल इंजन से गाड़ियां संचालित करने से रेलवे का अधिक खर्च होता है।

इज्जतनगर रेल मंडल के जनसंपर्क अधिकारी राजेंद्र सिंह का कहना है, रामगंगा पुल उत्तर रेलवे मुरादाबाद डिविजन में आता है। इसलिए पुल पर ओएचई लाइन का कार्य मुरादाबाद डिवीजन कराएगा। इस संबंध में मुरादाबाद डिवीजन को कई पत्र लिखे जा चुके है।

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