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नवाबगंज पालिका अध्यक्ष शहला ताहिर के अधिकारों पर रोक

नगर विकास विभाग ने डीएम की संस्तुति पर नवाबगंज पालिका परिषद की अध्यक्ष शहला ताहिर के अधिकारों पर रोक लगा दी है। इसके साथ ही अनियमित रूप से रखे गए लिपिक मो. अरशद की सेवा समाप्त करते हुए उसके खिलाफ एफआईआर दर्ज कराने का निर्देश दिया है। प्रमुख सचिव नगर विकास मनोज कुमार सिंह ने रविवार को इस संबंध में आदेश जारी कर दिया है। शासनादेश में कहा गया है कि शासन से रोक के बाद भी बिना किसी प्रक्रिया का पालन किए हुए अनियमित तरीके से नवाबगंज पालिका परिषद में मो. अरशद को नियुक्ति दी गई। इतना ही नहीं लेखा संबंधी सभी जरूरी कागजात उसे दिए गए। इसके चलते शासकीय काम में बाधा उत्पन्न हो रही थी। इसलिए उसे निलंबित करते हुए एफआईआर दर्ज कराने का निर्देश दिया गया है।

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इसके साथ ही पालिका परिषद की अध्यक्ष के खिलाफ बरेली के डीएम ने गंभीर शिकायतें करते हुए अधिकारों के उपयोग पर रोक लगाने की संस्तुति की थी। उन्होंने अध्यक्ष पर मनमाने तरीके से काम करने और नियमों के विपरीत जाकर तीन सफाई कर्मियों को निलंबित करने की जानकारी शासन को दी थी। निलंबन के विरोध में सफाई कार्य प्रभावित हो रहा था। इसके अधिशासी अधिकारी पर दबाव बनाकर नियमों के विरुद्ध काम कराने की भी शिकायत की गई थी। प्रमुख सचिव ने इसके आधार पर यह कार्रवाई की है। 

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47 लाख के फेर में फंस गईं शहला

बरेली/नवाबगंज। राजनीतिक जोड़-तोड़ में माहिर नवाबगंज चेयरमैन शहला ताहिर इस बार पटखनी खा गईं। बगैर ईओ की तैनाती के 47.31 लाख की रकम राज्य वित्त आयोग के खाते से निकाली भारी पड़ गई। 5 महीने तक पालिका कर्मचारियों के वेतन का भुगतान लटकाना भी शहला पर भारी पड़ा। डीएम की संस्तुति पर शासन ने शहला ताहिर के वित्तीय अधिकार सीज कर दिए। साथ ही शहला के कई चहेते कर्मचारी भी कार्रवाई के घेरे में आ गए।

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भाजपा नेता नीरेंद्र राठौर ने पालिका चेयरमैन शहला ताहिर पर भ्रष्टाचार के आरोप लगाए थे। नीरेंद्र राठौर ने कमिश्नर से लेकर शासन तक शहला ताहिर की शिकायत की थी। नीरेंद्र ने जनवरी और फरवरी में पालिका में बगैर ईओ की तैनाती के राज्य वित्त आयोग के खाते से 47.31 लाख रुपए निकालने के आरोप लगाए थे। डीएम ने मामले की जांच मजिस्ट्रेट से कराई थी। जिसमें आरोप सही पाए गए। मजिस्ट्रेटी जांच में 32 चेक के जरिए भुगतान की बात सही पाई गई। चेक पर पिछले साल 31 दिसंबर को रिटायर हो चुके ईओ के साइन थे।

मजिस्ट्रेट ने अपनी जांच में वित्तीय अनियमितता की पुष्टि की।  शहला ताहिर ने 5 महीने तक पालिका कर्मचारियों के वेतन का भुगतान नहीं किया था। यह मामला प्रशासन से लेकर शासन तक पहुंचा। डीएम ने धारा- 36 के तहत पालिका चेयरमैन को तुरंत कर्मचारियों के वेतन भुगतान के आदेश दिए थे।बावजूद इसके शहला ने डीएम के आदेश हवा में उड़ा दिए। नाराज डीएम वीरेंद्र सिंह ने चेयरमैन के वित्तीय अधिकार सीज करने की संस्तुति पिछले महीने शासन से कर दी थी। शासन ने कई बार नोटिस भेजकर शहला से जवाब मांगा। चेयरमैन शासन को कोई जवाब नहीं दे सकीं। शासन ने चेयरमैन को दोषी मानते हुए उनके वित्तीय अधिकार सीज कर दिए।

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पार्षदों का विरोध पड़ा भारी

नवाबगंज पालिका के 14 पार्षद चेयरमैन के विरोध में खुलकर सामने आ गए थे। पार्षदों ने कमिश्नर के सामने पेश होकर शहला ताहिर की शिकायत की थी। शहला पर बोर्ड की मीटिंग में पार्षदों के फर्जी साइन से प्रस्ताव पास कराने के आरोप लगाए थे। पार्षदों ने पालिका के संविदा बाबू अरशद को फर्जी साइन करने के दोषी बताया था। कमिश्नर के आदेश पर डीएम ने ज्वाइंट टीम के जरिए पार्षदों की शिकायत की जांच कराई। जिसमें आरोप प्रथम दृष्टि सही पाए गए। वित्तीय अनियमितता के मामले में ज्वाइंट टीम को कई विकास कार्यो के दस्तावेज नगर पालिका में नहीं मिले। फाइलों को बाबू अरशद के पास बताया गया। ईओ ने कई बार डीएम को चिट्ठी भेजकर फ़ाइलें वापस कराने की मांग की थी। ताकि नगर पालिका के विकास कार्यों को आगे बढ़ाया जा सके। हालांकि प्रशासन के आदेश के बाद भी जॉइंट जांच टीम को फाइलें नहीं मिल सकी थी।

कल हुआ वलीमा और आज छिन गयी नौकरी

नवाबगंज। नगर पालिका परिषद में चेयरमैन शहला ताहिर के खासमखास लिपिक मोहम्मद अरशद का शुक्रवार को विवाह हुआ है। शनिवार को बरेली के एक मैरिज हाल में उनका वलीमा हुआ था। अभी शादी की सारी रस्मे पूरी भी नही हो सकी थी कि रविवार को उनकी नियुक्ति को रद्द कर उनके खिलाफ मुकदमा दर्ज किए जाने का आदेश जारी हो गया।इस आदेश के बाद उनकी सारी खुशियां काफूर हो गयी हैं। 

जैसी करनी वैसी भरनी। जनता को धोखा देकर उसके पैसे का जो दुरुपयोग किया है। उसका उन्हें दंड मिला है। 
रवीन्द्र सिंह राठौर, भाजपा जिलाध्यक्ष

सत्य परेशान हो सकता है पराजित नहीं। सत्य की जीत हुई है। 
नीरेन्द्र सिंह राठौर, शिकायतकर्ता व भाजपा जिलाध्यक्ष के छोटे भाई 

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