गांधी उद्यान में बिना मंजूरी निर्माण, ठेकेदार को संरक्षण देने के आरोप
Bareily News - - पीपी मॉडल पर दिए गए दो पार्क, एक ठेकेदार ब्लैकलिस्ट गांधी उद्यान में बिना मंजूरी निर्माण, ठेकेदार को संरक्षण देने के आरोपगांधी उद्यान में बिना मंज

नगर निगम द्वारा पीपी मॉडल के तहत शहर के दो प्रमुख पार्क सीआई पार्क और गांधी उद्यान (कंपनी गार्डन)-को ठेके पर दिया गया था। सीआई पार्क के ठेकेदार पर नगर निगम के करीब 10 लाख रुपये बकाया होने पर उसके खिलाफ कार्रवाई करते हुए ब्लैकलिस्ट कर दिया गया था अब गांधी उद्यान को लेकर पार्षद जयप्रकाश राजपूत ने शासन में शिकायत की है। पार्षद का आरोप है कि गांधी उद्यान, रामपुर बाग स्थित कंपनी गार्डन को एक लाख रुपये के ठेके पर दिए जाने के बाद पार्क परिसर में बिना अनुमति निर्माण कार्य कराया जा रहा है। पार्क की बाउंड्री तोड़कर दो बड़े गेट लगाए जाने की बात सामने आई है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि नगर निगम अधिनियम 1959 के तहत किसी भी ठेकेदार को पार्क परिसर में स्थायी या अस्थायी निर्माण कार्य से पहले नगर निगम को सूचित करना और संबंधित अधिकारियों से अनुमति लेना अनिवार्य होता है। पार्षद जयप्रकाश राजपूत ने शासन को भेजी शिकायत में आरोप लागया है कि यहां बिना विधिवत स्वीकृति के कार्य कराया गया। अधिकारी की ओर से जवाब मिला था कि ठेकेदार को हर माह लगभग तीन लाख रुपये का नुकसान हो रहा है। उनका कहना है कि इस पर सवाल उठाया जा रहा है कि यदि ठेकेदार को अधिक लाभ होता तो क्या वह नगर निगम में अधिक राजस्व जमा करता। शिकायतकर्ता ने ठेकेदार को दी गई कार्य अनुमति की सत्यापित प्रति उपलब्ध कराने की मांग की है। एक्सईएन राजीव कुमार राठी का कहना है कि दोनों पार्कों में नियमानुसार काम किया जा रहा है। जहां अनदेखी हुई उसके पर एक्शन लिया जा चुका है।
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