विश्वविद्यालय कैंपस में एमएससी बायोइंफॉर्मेटिक्स में प्रवेश आज से शुरू
एमजेपी रुहेलखंड विश्वविद्यालय में एमएससी बॉयो इनफॉर्मेटिक्स पाठ्यक्रम शुरू किया गया है, जो जीव विज्ञान और कम्प्यूटर विज्ञान का समन्वय करता है। यह पाठ्यक्रम छात्रों को जैविक आंकड़ों के विश्लेषण, जीनोम अध्ययन, और आधुनिक कम्प्यूटेशनल तकनीकों का प्रशिक्षण देता है। इस क्षेत्र में विशेषज्ञों की मांग तेजी से बढ़ रही है।

एमजेपी रुहेलखंड विश्वविद्यालय के फैकल्टी ऑफ लाइफ साइंस के अंतर्गत संचालित एमएससी बॉयो इनफॉर्मेटिक्स पाठ्यक्रम जीव विज्ञान और कम्प्यूटर विज्ञान का एक अनूठा समन्वय है। यह पाठ्यक्रम विद्यार्थियों को जैविक आंकड़ों के विश्लेषण, जीनोम अध्ययन, प्रोटीन संरचना विश्लेषण, मॉलिक्युलर डॉकिंग, ड्रग डिस्कवरी तथा आधुनिक कम्प्यूटेशनल तकनीकों का व्यावहारिक प्रशिक्षण प्रदान करता है। विज्ञान और प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में हो रहे तेजी से बदलाव के दौर में बॉयो इनफॉर्मेटिक्स विश्व भर में तेजी से उभरने वाले क्षेत्रों में से एक है। जिनोमिक्स आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, ड्रग डिजाइन, प्रिसिजन मेडिसिन और बिग डाटा एनालिटिक्स जैसे क्षेत्रों में प्रशिक्षित विशेषज्ञों की मांग लगातार बढ़ रही है ऐसे समय में बरेली क्षेत्र के विद्यार्थियों के लिए यह एक महत्वपूर्ण अवसर है कि उन्हें अब अपने ही क्षेत्र में इस अत्याधुनिक और रोजगार उन्मुख पाठ्यक्रम का अध्ययन करने का अवसर प्राप्त हो रहा है।
जैव सूचना विज्ञान एवं कंप्यूटेशनल जीव विज्ञान विभाग के प्रो. एवं विभागाध्यक्ष प्रो. उपेंद्र कुमार ने बताया कि भविष्य में स्वास्थ्य सेवाओं, औषधि उद्योग, जैव प्रौद्योगिकी कंपनियों, कृषि अनुसंधान, जिनोमिक्स प्रयोगशालाओं तथा डाटा विज्ञान के क्षेत्र में बायोइनफॉर्मेटिक्स विशेषज्ञों की मांग और अधिक बढ़ने वाली है। यही कारण है कि देश और विदेश के प्रतिष्ठित संस्थानों में इस विषय के छात्रों के लिए रोजगार और अनुसंधान के व्यापक अवसर उपलब्ध है। सत्र 2026-27 के लिए 30 सीटों के लिए ऑनलाइन पंजीकरण एक जून से प्रारंभ हो रहा है प्रवेश स्नातक स्तर की मेरिट के आधार पर किया जाएगा। ईडब्ल्यूएस की तीन सीट अलग से है।
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