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मच्छर को टक्कर : बचाव के बढ़े कदम, बुखार का कहर हुआ कम

हिन्दुस्तान के अभियान मच्छर को टक्कर को लोगों ने खूब सराहा और जनजागरूकता फैलाने में भरपूर सहयोग दिया। स्वास्थ्य विभाग और मलेरिया विभाग के साथ मिलकर अभियान ने जोर पकड़ा और परिणाम भी सकारात्मक रहे। इस साल खतरनाक मलेरिया प्लाज्मोडियम फाल्सीपेरम के मरीजों की संख्या बीते साल से की तुलना में आधी से भी कम रही। हिन्दुस्तान ने जन-जन को जोड़ा और शहर से लेकर देहात तक लोगों को संचारी रोगों के प्रति जागरूक किया। उनको मच्छरों  से बचाव का तरीका बताया तो झोलाछाप से इलाज कराने के लिए सचेत भी किया। पूरे एक माह तक चले अभियान का इस उम्मीद के साथ समापन हुआ कि अगले साल मलेरिया-डेंगू समेत अन्य संचारी रोगों के प्रकोप से जिले को मुक्ति मिलेगी।

अभियान के दौरान हिन्दुस्तान ने कई सोपान तय किए। पहले चरण में इन बीमारियों के लक्षण, बचाव के तरीकों की जानकारी लोगों तक पहुंचाई। दूसरे चरण में समाज के अलग-अलग वर्गों के बीच जाकर संवाद के जरिये लोगों को जागरूक किया गया। व्यापारी, बाजार, स्कूल, डाक्टर, अस्पताल और आम लोगों के साथ संवाद में मच्छरों के बचाव के नए तरीकों के साथ ही पुराने नुस्खों पर बात हुई। जिले के संवेदनशील इलाकों की तरफ स्वास्थ्य विभाग का ध्यान खींचा और मलेरिया विभाग की कार्रवाई की लोगों को जानकारी दी। इस साल अब तक मलेरिया मरीजों की संख्या 34 हजार है जो बीते साल से करीब 5 हजार कम है। लेकिन आंकड़ों में यह भी खास है कि इस साल करीब जनवरी से अब तक 3 लाख लोगों की जांच हो चुकी है जबकि बीते साल 39 हजार मलेरिया के मरीज महज दो माह में ही मिले थे।

सीएमओ ने कहा, शुक्रिया हिन्दुस्तान

सीएमओ डा. वीके शुक्ल ने हिन्दुस्तान के अभियान मच्छर को टक्कर को शुक्रिया कहा। उन्होंने कहा कि संचारी रोगों के प्रति जागरूकता अभियान चलाने में हिन्दुस्तान ने बहुत मदद की। अभियान से लोगों को मच्छरों से बचाव की जानकारी मिली। साथ ही झोलाछाप से इलाज कराने वालों की संख्या में काफी कमी आई है।

मच्छरों से बचाव का तरीका बताया

जिला मलेरिया अधिकारी डीआर सिंह ने हिन्दुस्तान का आभार जताया और कहा कि इस तरह के सामाजिक अभियान से लोगों को जागरूक करना जरूरी होता है। अभियान में मच्छरों से बचाव के कई तरीके लोगों तक पहुंचाकर मलेरिया विभाग की सहायता की। इससे मरीजों की संख्या में काफी कमी आई है। यह हिन्दुस्तान की सकारात्मक पहल है।

भविष्य में दिखेगा असर

किसी अभियान का तात्कालिक असर कम दिखता है, भविष्य में प्रभाव अधिक नजर आता है। हिन्दुस्तान अखबार के जागरूकता अभियान ने बहुत मदद की। लोग मच्छरों से बचाव के प्रति सचेत हुए हैं। उम्मीद है कि मलेरिया का असर धीरे धीरे कम होता जाएगा। - डाक्टर अखिलेश्वर सिंह, नोडल अधिकारी, संचारी रोग नियंत्रण अभियान 

आंकड़ों पर एक नजर

  1. 130000 - लोगों की आरडीटी किट से हुई जांच
  2. 57000 - स्लाइड बनाई मलेरिया विभाग ने
  3. 887 - गांवो में हुआ लार्वानाशक का छिड़काव
  4. 26800 - लोगों में सामान्य मलेरिया मिला
  5. 7140 - लोगों में प्लाज्मोडियम फाल्सीपेरम की पुष्टि
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