DA Image
17 फरवरी, 2020|3:32|IST

अगली स्टोरी

class="fa fa-bell">ब्रेकिंग:

पंचतत्व में विलीन हुए गीतकार किशन सरोज, सिटी श्मशान भूमि में बड़े बेटे अजिताभ ने दी मुखाग्नि-VIDEO

1 / 3पंचतत्व में विलीन हुए गीतकार किशन सरोज, सिटी श्मशान भूमि में बड़े बेटे अजिताभ ने दी मुखाग्नि

2 / 3पंचतत्व में विलीन हुए गीतकार किशन सरोज, सिटी श्मशान भूमि में बड़े बेटे अजिताभ ने दी मुखाग्नि

3 / 3पंचतत्व में विलीन हुए गीतकार किशन सरोज, सिटी श्मशान भूमि में बड़े बेटे अजिताभ ने दी मुखाग्नि

PreviousNext

ख्यातिलब्ध गीतकार किशन सरोज गुरुवार को पंचतत्व में विलीन हो गए। उनके पुत्र अजिताभ सक्सेना ने सिटी शमशान भूमि में मुखाग्नि दी। अंतिम संस्कार में सांस्कृतिक और सामाजिक दुनिया से जुड़े लोग मौजूद रहे। किशन का बुधवार को लंबी बीमारी के बाद निधन हो गया था। 400 से ज्यादा प्रेम गीत लिखने वाले किशन सरोज के निधन पर कवि कुमार विश्वास ने भी ट्वीट कर शोक जताया।

19 जनवरी 1939 को बरेली के बल्लिया गांव में जन्मे किशन का साहित्यिक सफर 1959 से शुरू हुआ। उन्होंने 400 से ज्यादा प्रेम, श्रृंगार और विछोह के गीत लिखे। 1986 में उनका पहला गीत संग्रह चंदन वन डूब गया प्रकाशित हुआ। यह बेहद चर्चित रहा। तुम निश्चिन्त रहना गीत की पंक्तियों-कर दिए लो आज गंगा में प्रवाहित, सब तुम्हारे पत्र, सारे चित्र, तुम निश्चिन्त रहना... ने उन्हें शोहरत की बुलंदियों तक पहुंचा दिया।

वे काफी दिनों से बीमार चल रहे थे। बीमारी के चलते वे लोगों को पहचान भी नहीं पा रहे थे। बीच में तबीयत कुछ सही हुई लेकिन पिछले दो दिनों से उन्होंने खाना छोड़ दिया था। बुधवार को उनकी अचानक तबियत खराब हो गई थी।  

बुधवार दोपहर 12 बजे उन्होंने आखिरी सांस ली। उनकी मृत्यु पर कई संगठनों ने शोक जताया है। प्रख्यात कवि कुमार विश्वास ने भी उनके निधन पर दुख व्यक्त किया। कुमार विश्वास ने एक कविता के जरिए उन्हें श्रद्धाजंजिल अर्पित की। 

  • Hindi News से जुड़े ताजा अपडेट के लिए हमें पर लाइक और पर फॉलो करें।
  • Web Title:Lyricist Kishan Saroj who merged with Panchatatva eldest son Ajitabh in the city cremation ground