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बरेलीसाथियों में कोविड वैक्सीनेशन जागरूकता अलख जलाएंगे ट्रांसजेंडर

हिन्दुस्तान टीम,बरेलीPublished By: Newswrap
Tue, 25 May 2021 03:31 AM
साथियों में कोविड वैक्सीनेशन जागरूकता अलख जलाएंगे ट्रांसजेंडर

कोविड वैक्सीनेशन के प्रति साथियों में अब ट्रांसजेंडर जागरूकता की अलख जलाएंगे। एआरटी सेंटर के साथ चेतना सेवा संस्था ने यह पहल की है। एआरटी सेंटर पर पंजीकृत एचआईवी पीड़ित रहे 13 ट्रांसजेंडर के साथ इसमें संस्था के 8 फील्ड वर्कर शामिल होंगे। ये सभी 8 फील्ड वर्कर ट्रांसजेंडर हैं। उनको वैक्सीन लगवाने के फायदे बताएंगे और साथ ही रजिस्ट्रेशन-स्लाट बुकिंग में आने वाली परेशानी दूर करने में मदद करेंगे।

कोविड वैक्सीनेशन के लिए शासन-प्रशासन ने पूरी ताकत झोंक दी है। अब तक जिले में लाखों लोग कोरोना वैक्सीन लगवा चुके हैं लेकिन समाज का एक वर्ग ऐसा भी है जो वैक्सीनेशन अभियान से अब तक नहीं जुड़ सका है, ट्रांसजेंडर। बीते 5 माह से जिले में वैक्सीनेशन चल रहा है और अब तक सिर्फ 96 ट्रांसजेंडर ही ऐसे हैं जिनको कोरोना से बचाव का टीका लगा है। जिले में ट्रांसजेडर की कुल आबादी में करीब 2700 ऐसे हैं जिनकी उम्र 18 वर्ष या अधिक है और कोरोना का टीका लगवा सकते हैं।

बताएंगे वैक्सीनेशन के फायदे, देंगे जानकारी

एआरटी सेंटर और चेतना सेवा संस्था अब ट्रांसजेंडर की काउंसिलिंग करने की तैयारी में हैं। उनको कोविड वैक्सीनेशन के फायदे बताएंगे और साथ ही जानकारी देंगे कि किस प्रक्रिया के तहत टीका लगवाया जा सकता है। हर माह एआरटी सेंटर पर 7 एचआईवी पीड़ित ट्रांसजेंडर को दवा दी जाती है। दवा के साथ ही उनको वैक्सीनेशन की जानकारी दी जाएगी। उनसे पूछा जाएगा कि कोरोना का टीका लगवाने में कहीं कोई परेशानी तो नहीं आ रही है।

एक साथ ही रहते हैं ट्रांसजेंडर

जिले में कई जगह है जहां ट्रांसजेंडर रहते है। अधिकांश ट्रांसजेंडर एक साथ ही रहते हैं। ऐसे मे योजना है कि 22 ट्रांसजेंडर की मदद से सभी को कोरोना संक्रमण के खतरे के प्रति जागरूक किया जाए। उनको टीका लगाने से होने वाले फायदे के बारे में बताया जाए। चौपुला के पास, भोजीपुरा, सीबीगंज में ट्रांसजेडर की बस्ती है जहां सैकड़ों लोग एक साथ रह रहे हैं।

कोट

कोविड वैक्सीनेशन कराना जरूरी है, इससे संक्रमण को हराने में मदद मिलेगी। ट्रांसजेंडर को यह बात समझाई जा रही है। साथ ही अगर उनको रजिस्ट्रेशन या स्लाट बुकिंग में कोई परेशानी है तो उसे भी दूर किया जाएगा।

- मनोज कुमार, डिस्ट्रिक डाटा मैनेजर, एआरटी

संस्था के लिए 8 ट्रांसजेंडर बतौर फील्ड वर्कर काम कर रहे है। कोरोना संक्रमण के दौरान इनकी मदद से इस समाज के लोगों को जागरूक करने में काफी सहायता मिली थी। सभी फील्ड वर्कर इसी समाज के लोगों के साथ रहते हैं। ऐसे मे उनकी सहायता से कोविड वैक्सीनेशन के प्रति जागरूक किया जाएगा।

- प्रभाकर, चेतना सेवा संस्था के जिला प्रभारी

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