कारीगरों को मिली पहचान, खूब बिके उत्पाद
Bareily News - छावनी परिषद के द्वारा आयोजित सात दिवसीय भारतीय हस्तकला उत्सव मंगलवार को समाप्त हुआ। इस उत्सव ने भारत की हस्तशिल्प परंपरा को प्रदर्शित किया और स्थानीय कारीगरों को आर्थिक लाभ प्रदान किया। आयोजन के दौरान 17.65 लाख रुपये की बिक्री हुई। कैंट बोर्ड की सीईओ डॉ. तनु जैन ने कार्यक्रम के महत्व को बताया।

छावनी परिषद की ओर से आयोजित सात दिवसीय भारतीय हस्तकला उत्सव का मंगलवार को समापन हो गया। इस उत्सव ने न केवल भारत की समृद्ध हस्तशिल्प परंपरा को प्रदर्शित किया, बल्कि स्थानीय कारीगरों को सशक्त मंच प्रदान करते हुए उत्कृष्ट आर्थिक परिणाम भी दिए। पूरे आयोजन के दौरान कुल 17.65 लाख रुपये की बिक्री दर्ज की गई। कैंट बोर्ड की सीईओ डॉ. तनु जैन के नेतृत्व में यह आयोजन संपन्न हुआ। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि उत्सव में देश के विभिन्न क्षेत्रों की पारंपरिक हस्तकलाओं का प्रदर्शन किया गया, जिनमें हस्तकरघा वस्त्र, लकड़ी की कलाकृतियां, सजावटी सामग्री, पारंपरिक परिधान एवं अन्य शिल्प उत्पाद शामिल रहे।
स्थानीय नागरिकों, परिवारों एवं युवाओं ने उत्साहपूर्वक भाग लेकर कारीगरों का मनोबल बढ़ाया। ऐसे आयोजनों से न केवल कारीगरों को आर्थिक मजबूती मिलती है, बल्कि हमारी सांस्कृतिक विरासत को भी नई पहचान मिलती है। उन्होंने सभी आगंतुकों एवं प्रतिभागियों का आभार व्यक्त करते हुए भविष्य में भी इस प्रकार के आयोजनों को निरंतर जारी रखने का आश्वासन दिया।
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