
उपलब्धि सिर्फ एक अंत नहीं, बल्कि जीवन की नई यात्रा की शुरुआत है : प्रो. राजीव आहूजा
Bareily News - महात्मा ज्योतिबा फुले रुहेलखंड विश्वविद्यालय के दीक्षांत समारोह में मुख्य अतिथि प्रो. राजीव आहूजा ने विद्यार्थियों को उनके मेहनत और अनुशासन के लिए बधाई दी। उन्होंने तकनीकी क्रांति, नई शिक्षा नीति और लैंगिक समानता पर जोर दिया। आहूजा ने विद्यार्थियों को समाज के लिए मूल्य पैदा करने की प्रेरणा दी।
बरेली। महात्मा ज्योतिबा फुले रुहेलखंड विश्वविद्यालय के 23वें दीक्षांत समारोह के मुख्य अतिथि आईआईटी रोपण के डायरेक्टर प्रो. राजीव आहूजा ने अपने संबोधन में कहा कि यह दिन विद्यार्थियों की कड़ी मेहनत, समर्पण और अनुशासन का परिणाम है। उन्होंने कहा कि यह उपलब्धि सिर्फ एक अंत नहीं, बल्कि जीवन की नई यात्रा की शुरुआत है। आज का युग तकनीकी क्रांति का है। कृत्रिम बुद्धिमत्ता, क्वांटम कंप्यूटिंग, स्वचालन और सतत प्रौद्योगिकियां हर क्षेत्र को नया रूप दे रही हैं। ऐसे समय में विद्यार्थियों को नवाचार, सहयोग और समस्या-समाधान की भावना के साथ आगे बढ़ना होगा। उन्होंने नई शिक्षा नीति की सराहना करते हुए कहा कि यह नीति बहु-विषयक शिक्षा, अनुसंधान आधारित अध्ययन और डिजिटल कौशल को बढ़ावा देती है।
साथ ही, डिजिटल इंडिया, स्किल इंडिया, आत्मनिर्भर भारत और मेक इन इंडिया जैसी पहलें देश को ज्ञान-आधारित अर्थव्यवस्था की ओर ले जा रही हैं। मुख्य अतिथि ने महिला विद्यार्थियों की उल्लेखनीय भागीदारी पर प्रसन्नता व्यक्त की और कहा कि यह विश्वविद्यालय लैंगिक समानता और सामाजिक समावेश का उत्कृष्ट उदाहरण बन रहा है। उन्होंने विद्यार्थियों को संदेश दिया कि सच्ची सफलता वही है जो समाज के लिए मूल्य पैदा करे। डॉ. ए.पी.जे. अब्दुल कलाम के शब्दों को उद्धृत करते हुए उन्होंने कहा सपना देखो, विचार करो और उसे क्रियान्वित करो।

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