शुभ मुहूर्त में किया होलिका दहन, परिक्रमा कर पूजा की
Bareily News - - सोमवार शाम को जिले में दो हजार से अधिक स्थानों पर हुआ होलिका दहन कई जगहों आज तो कुछ जगह लोक पंरपरा के तहत चार मार्च की सुबह होगा होलिका दहन

शुभ मुहूर्त में लोगों ने पूजा कर सोमवार शाम को होलिका दहन किया। होली गीत गए और होलिका की परिक्रमा की। मान्यता है कि होलिका दहन के साथ ही बीते साल के सभी बुरे कर्मों का नाश हो जाता है। मंगलवार को चंद्र ग्रहण के कारण इस बार होलिका दहन को लेकर संशय था। जिले में 3041 स्थानों पर होलिका दहन होना है। सोमवार को दो हजार से अधिक स्थानों पर होलिका दहन हुआ। शेष जगहों पर मंगलवार रात तो कई जगह लोक पंरपरा के मुताबिक चार मार्च की सुबह होलिका दहन होगा। होलिका दहन के पहले लोगों ने होलिका की पूजा की।
उनसे सुखद भविष्य के लिए वरदान मांगने के साथ ही घर, परिवार और समाज के कल्याण की कामना की। घरों से सरसों, कंडे, गन्ने की पत्तियां लोगों ने होलिका में डालकर परिक्रमा की। होलिका दहन के साथ रंगों की बौछार भी कई जगहों पर की गई। इसके बाद लोगों ने गले मिलकर एक-दूसरे को होली की बधाई दी। दिन में महिलाओं ने होलिका मैया की पूजी की। होलिका दहन को लेकर जगह-जगह उत्साह का माहौल देखने को मिला। होलिका स्थल पर होली के गीतों की मस्ती में लोग थिरकते, नाचते नजर आए। लोगों ने बलगुरिया और कंडे पर स्वास्तिक का निशान बनाकर होलिका को अर्पण किया। धूप, दीप, नौवैद्य आदि का भोग लगाकर अग्नि की परिक्रमा की। कई जगहों पर लोगों ने पंडितों को बुलाकर मंत्रोच्चारण के साथ पूजन कराकर होलिका दहन किया। होलिका दहन के बाद लोगों ने सुख, समृद्धि के लिए जौ, चने, गन्ने आदि चढ़ाए। कुछ जगहों पर परंपरा के अनुसार भोर में भी होलिका दहन किया जाना है।
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