आस्था के साथ हजारों स्थान पर देर रात जलाई गई होलिका
Bareily News - होलिका दहन मंगलवार रात को चंद्र ग्रहण के बाद शुभ मुहूर्त में हुआ। श्रद्धालुओं ने पूजा-अर्चना के साथ होलिका को हल्दी, चंदन व फूल अर्पित किए। रंगों के साथ होली खेली गई। बुराई पर अच्छाई की जीत का प्रतीक होलिका दहन से श्रद्धालुओं में भक्ति और उल्लास का माहौल था। कुछ स्थानों पर भोर में होलिका दहन की तैयारी की गई।

होली पर्व से पूर्व शुभ मुहूर्त में आस्था व विश्वास के साथ मंगलवार को चंद्र ग्रहण समाप्त होने के बाद देर रात होलिका दहन किया गया। इससे पूर्व श्रद्धालुओं ने पूजा-अर्चना कर होलिका को हल्दी, चंदन व फूल अर्पित किए। होली के गीतों के बीच लोगों ने जमकर रंग, अबीर व गुलाल से होली खेली। होलिका दहन को बुराई पर अच्छाई की जीत का प्रतीक माना जाता है। पंरपरा के अनुसार, शरीर के कष्ट दूर होने की मान्यता के लिए लोगों ने घरों में उबटन लगाकर उसे होलिका में अर्पित किया। रात होते ही लोग अपने-अपने मोहल्लों में स्थापित होलिका के पास जुटने लगे।
विधिपूर्वक पूजा के बाद मंत्रोच्चारण के साथ होलिका दहन किया गया। बुराई पर अच्छाई की जीत के प्रतीक होलिका दहन पर भक्ति और उल्लास के रंग नजर आए। शहर के प्रमुख चौराहों, सोसायटी से लेकर गलियों तक सजी होलिका के पास देर रात श्रद्धालुओं का तांता लगा मिला। कई जगहों पर गोबर से बनी गुलरियों की मालाओं से सजी होलिका न केवल धार्मिक महत्व दर्शा रही थी, बल्कि सामूहिक सहभागिता का संदेश भी दे रही थी। वहीं कुछ जगह परंपरा के मुताबिक बुधवार की भोर में होलिका दहन किया जाएगा। चंद्र ग्रहण के कारण इस बार भ्रमित रहे लोग चंद्र ग्रहण के कारण इस बार होलिका दहन को लेकर लोग काफी भ्रमित रहे। इसके कारण कुछ जगहों पर होलिका दहन सोमवार को हुआ तो बड़ी संख्या में मंगलवार को भी शहर से लेकर देहात तक में होलिका दहन देर रात किया गया। कुछ लोगों ने परंपरा के मुताबित धुलेड़ी की भोर में होलिका दहन के कारण चार मार्च की सुबह होलिका दहन की तैयारी की हुई है।
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