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1 जनवरी, 2021|3:21|IST

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हिन्दुस्तान मिशन शक्ति: बरेली की चमन जहां ने बेटियों की पढ़ाई को जीवन किया समर्पित

हिन्दुस्तान मिशन शक्ति: बरेली की चमन जहां ने बेटियों की पढ़ाई को जीवन किया समर्पित

1 / 3हिन्दुस्तान मिशन शक्ति बेटियों की पढ़ाई को जीवन किया समर्पित नाम-चमन जहां निवास-नैना...

हिन्दुस्तान मिशन शक्ति: बरेली की चमन जहां ने बेटियों की पढ़ाई को जीवन किया समर्पित

2 / 3हिन्दुस्तान मिशन शक्ति बेटियों की पढ़ाई को जीवन किया समर्पित नाम-चमन जहां निवास-नैना...

हिन्दुस्तान मिशन शक्ति: बरेली की चमन जहां ने बेटियों की पढ़ाई को जीवन किया समर्पित

3 / 3हिन्दुस्तान मिशन शक्ति बेटियों की पढ़ाई को जीवन किया समर्पित नाम-चमन जहां निवास-नैना...

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नाम-चमन जहां

निवास-नैना कालोनी सिटी स्टेशन

पेशा-शिक्षिका

इस्लामिया गर्ल्स इंटर कॉलेज की प्रधानाचार्या चमन जहां का नाम किसी परिचय का मोहताज नहीं है। चमन ने आर्थिक और सामाजिक रूप से पिछड़ी छात्राओं को हमेशा आगे बढ़ाने का कार्य किया है। उन्होंने इसके लिए अपने विद्यालय में विशेष प्रबंध किए हैं। ऐसी छात्राओं को जहां स्वयंसेवी संस्थाओं के माध्यम से छात्रवृत्ति प्रदान की जाती है वही स्कूल की तरफ से भी मदद दी जाती है। स्कूल में 50 फीसदी से ज्यादा ऐसी छात्राएं पढ़ रही हैं जिनके परिवार जरी जरदोजी, सिलाई कढ़ाई, माझा निर्माण आदि से जुड़े हैं। इन छात्राओं की भी स्कूल की तरफ से लगातार मदद की जाती है। चमन जहां इन छात्राओं के अभिभावकों से भी समय-समय से बात कर उनकी समस्याओं का निराकरण कराती है। उनका लक्ष्य बस यह है कि किसी भी हाल में इन बच्चों की पढ़ाई बंद ना हो। ऐसी सैकड़ों छात्राएं अच्छे अंकों से पास होकर अपना कैरियर बना चुकी हैं।

गांव की महिलाओं को बनाया आत्मनिर्भर

नाम-सारिका सक्सेना

निवास-जागृति नगर

पेशा-शिक्षिका

आलमपुर जाफराबाद ब्लॉक के जूनियर हाई स्कूल पंथरा की इंचार्ज प्रधानाध्यापिका सारिका सक्सेना ने गांव की महिलाओं को आर्थिक समृद्धि की राह दिखाई। कोविड-19 के कारण स्कूल बन्द हुए तो बच्चों को ऑनलाइन क्लास का सहारा लेना पड़ा। अधिकतर के पास एंड्रॉयड फोन ही नहीं था। इसका मुख्य कारण आर्थिक पिछड़ापन था। ऐसे में सारिका ने बच्चों की माताओं को आत्मनिर्भर बनाना शुरू किया। राष्ट्रीय आजीविका मिशन के अंतर्गत महिलाओं का श्री महालक्ष्मी स्वयं सहायता समूह व नई दिशा स्वयं सहायता समूह का गठन करवाया।

आज समूह की महिलाओं को आंगनबाड़ी का राशन वितरण का कार्य मिला है। इन दोनों समूहों से अभी तक 21 महिलाएं जुड़ी हुई हैं। कल तक जो महिलाएं अपने घर से भी नहीं निकलती थीं, आज वे अपने समूह से सम्बंधित सभी कार्य बहुत आत्मविश्वास से करती हैं। जल्द ही यह महिलाएं अपना लघु उद्योग भी शुरू करने जा रही हैं। इसका सबसे बड़ा श्रेय सारिका को ही जाता है।

निरक्षर महिलाओं को पूजा ने बनाया साक्षर

नाम-पूजा

निवास-करेली

पेशा-छात्रा

राजकीय बालिका इंटर कॉलेज में पढ़ाई के दौरान पूजा एनएसएस से जुड़ी थी। इस दौरान उन्होंने कई साक्षरता अभियान में हिस्सा लिया। इन अभियानों ने उन्हें साक्षरता की अहमियत भली-भांति समझा दी। पूजा अपने गांव करेली में कई ऐसी महिलाओं को जानती थी जिनको निरक्षर होने के कारण परेशानी का सामना करना पड़ता था। पूजा ने सबसे पहले इन महिलाओं को ही साक्षर बनाने का अभियान शुरू किया। उन्होंने महिलाओं को सबसे पहले हिंदी के अक्षरों का ज्ञान कराया। इसके बाद धीरे-धीरे कर उन्हें उनका नाम लिखना और हस्ताक्षर करना सिखाया। महिलाओं को अंग्रेजी के अक्षर और गिनती भी सिखाई, ताकि वे मोबाइल का प्रयोग भी कर सकें। पूजा पिछले चार साल से गरीब बच्चों की निशुल्क शिक्षा में सहयोग कर रही हैं। इसके अलावा वो विभिन्न जागरूकता अभियान जैसे पर्यावरण संरक्षण, पौधरोपण, बेटी पढ़ाओ बेटी बचाओ, नशा उन्मूलन, स्वच्छता अभियान आदि से भी जुड़ी हुई हैं। कोरोना काल के दौरान उन्होंने खुद मास्क बना कर गरीब लोगों को वितरित किए।

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  • Web Title:Hindustan Mission Shakti Chaman Jahan of Bareilly dedicated life to the education of daughters