
हनुमान जी से बड़ा धरती पर कोई भक्त नही:: पंडित बृजेश पाठक
संक्षेप: Bareily News - आंवला। नगर के मोहल्ला गंज स्थित हनुमान मंदिर में आयोजित हनुमान जयंती पर श्री रामकथा के प्रथम दिन कथा व्यास पंडित बृजेश पाठक ने कहा कि धरती पर हनुमान ज
नगर के मोहल्ला गंज स्थित हनुमान मंदिर में आयोजित हनुमान जयंती पर श्री रामकथा के प्रथम दिन कथा व्यास पंडित बृजेश पाठक ने कहा कि धरती पर हनुमान जी बड़ा कोई भक्त नही हुआ है। कथा में उन्होंने कहा कि रामायण में भगवान राम के दो प्रकार के सेवकों की चर्चा की गई है। एक सेवक वह होते हैं जो केवल प्रभु राम की सेवा करते हैं। समाज या संसार से उनका ज्यादा सरोकार नहीं होता है। दूसरे वह सेवक भी होते हैं जो भगवान की सेवा पूजा करते हुए भी समाज की सेवा में लगे रहते हैं। रामायण में लक्ष्मण जी प्रभु राम के ऐसे सेवक हैं जो केवल प्रभु राम की सेवा करते हैं।
प्रभु राम के समझाने पर भी वह माता-पिता गुरु आदि की सेवा नहीं कर पाते। जबकि हनुमान जी का सेवा भाव विलक्षण है। वह प्रभु राम की सेवा तो करते ही है और राम भक्तों की भी सेवा कर लेते हैं। यही कारण है कि प्रभु राम, सीताजी, भरत, लक्ष्मण सभी उनके सेवाभाव की सराहना करते है। वह राम जी के साथ लक्ष्मण जी को भी अपने कंधों पर बैठाते हैं। रामायण में प्रभु राम कहते हैं मेरा सच्चा भक्त वही है जो सबके भीतर मेरा दर्शन करता हुआ सेवा भाव रखता है। उन्होंने बताया कि हनुमान जयंती पर रामकथा 19 अक्तूबर तक चलेगी।

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