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बरेली

महंगाई के खिलाफ सपाईयों का सड़क पर अर्धनग्न प्रदर्शन

हिन्दुस्तान टीम,बरेलीPublished By: Newswrap
Wed, 04 Aug 2021 03:40 AM
महंगाई और कृषि कानूनों को रद्द करने की मांग को लेकर सपा के फ्रंटल संगठनों के कार्यकर्ताओं ने मंगलवार को सड़कों पर अर्धनग्न प्रदर्शन...
1 / 2महंगाई और कृषि कानूनों को रद्द करने की मांग को लेकर सपा के फ्रंटल संगठनों के कार्यकर्ताओं ने मंगलवार को सड़कों पर अर्धनग्न प्रदर्शन...
महंगाई और कृषि कानूनों को रद्द करने की मांग को लेकर सपा के फ्रंटल संगठनों के कार्यकर्ताओं ने मंगलवार को सड़कों पर अर्धनग्न प्रदर्शन...
2 / 2महंगाई और कृषि कानूनों को रद्द करने की मांग को लेकर सपा के फ्रंटल संगठनों के कार्यकर्ताओं ने मंगलवार को सड़कों पर अर्धनग्न प्रदर्शन...

महंगाई और कृषि कानूनों को रद्द करने की मांग को लेकर सपा के फ्रंटल संगठनों के कार्यकर्ताओं ने मंगलवार को सड़कों पर अर्धनग्न प्रदर्शन किया। हाथों में रसोई गैस के खाली सिलेंडर लेकर मार्च निकाला। सरकार के विरोध में नारेबाजी। सपाइयों ने कलक्ट्रेट के गेट पर एसीएम फर्स्ट को राष्ट्रपति को संबोधित ज्ञापन सौंपा।

सपा के चारों यूथ फ्रंटल संगठन युवजन सभा, मुलायम सिंह यादव यूथ ब्रिगेड, लोहिया वाहिनी और सछास के कार्यकर्ता सुबह से ही पार्टी ऑफिस पहुंचना शुरू हो गए। पार्टी कार्यालय पर ही कार्यकर्ताओं ने अपनी कमीज उतार दीं। मार्च निकालते हुए अयूब खां पहुंचे। वहां से सपाइयों का मार्च चौकी चौराहे पर पहुंच गया। सपाई चौकी चौराहे पर धरने पर बैठ गए। हालांकि पुलिस ने तुरंत ही चौराहे से प्रदर्शनकारियों को हटा दिया। सरकार विरोधी नारेबाजी करते हुए अर्धनग्न सपाई कलक्ट्रेट पहुंच गए। कलक्ट्रेट गेट पर एसीएम फर्स्ट ने प्रदर्शनकारियों का ज्ञापन लिया। प्रदर्शनकारियों ने पेट्रोल और रसोई गैस की कीमत पर वृद्धि को रोकने, सरकारी विभागों में खाली पदों पर नियुक्ति करने, कोरोना काल में स्कूलों की फीस वसूली पर रोक और कृषि कानून को रद्द करने समेत कई मांग की। इस मौके पर भुवनेश यादव, गजेंद्र कुर्मी, अहमद खान टीटू, वसीम चौधरी, मुकेश यादव, फरहान, अमर काले आदि प्रमुख रूप से मौजूद रहे।

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फिर चेहरा दिखाने में उलझे सपाई

15 जुलाई को कलक्ट्रेट पर प्रदर्शन के दौरान चेहरा दिखाने के चक्कर में महानगर महासचिव गौरव सक्सेना और उपाध्यक्ष शमीम अहमद में नोकझोंक हो गई थी। कुछ ऐसा ही नजरा मंगलवार को दिखाई दिया। पार्टी ऑफिस के बाहर मार्च के आगे रहने के लिए फ्रंटल संगठन के पदाधिकारी उलझ गए। एक-दूसरे के खिलाफ अभद्र भाषा का इस्तेमाल भी किया।

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