Bareily News: फर्जी आईएएस डॉ. विप्रा व उसके पिता पर एक और एफआईआर
Bareily News: बरेली में सरकारी नौकरी लगवाने का झांसा देकर फर्जी आईएएस डॉ. विप्रा शर्मा और उनके पिता के खिलाफ आठ लाख रुपये की ठगी का मामला दर्ज हुआ है। राधेश्याम नामक शिकायतकर्ता ने आरोप लगाया कि उन्होंने नौकरी दिलाने के नाम पर पैसे दिए, लेकिन अंततः नियुक्ति पत्र फर्जी साबित हुआ।

Bareily News: बरेली। सरकारी नौकरी लगवाने का झांसा देकर आठ लाख रुपये की ठगी के आरोप में फर्जी आईएएस डॉ. विप्रा शर्मा और उसके पिता के खिलाफ थाना बारादरी में एक अन्य रिपोर्ट दर्ज कराई गई है। पुलिस मामले की जांच कर रही है। बारादरी में अशोक विहार निवासी न्यायालय से सेवानिवृत्त चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी राधेश्याम ने पुलिस को बताया कि नौकरी के दौरान उनकी जान-पहचान सिंचाई विभाग के तत्कालीन प्रशासनिक अधिकारी ग्रेटर ग्रीन पार्क निवासी वीरेंद्र शर्मा से हुई थी। आरोप है कि वीरेंद्र ने अपनी बेटी डॉ. विप्रा शर्मा को सचिवालय लखनऊ में तैनात आईएएस अधिकारी बताया और कहा कि वह उनके बेरोजगार बेटों की सरकारी नौकरी लगवा देगी। इसके बदले दोनों नौकरियों के लिए उनसे 10 लाख रुपये मांगे गए। अगस्त 2022 में उन्हें ग्रेटर ग्रीन पार्क स्थित आवास पर बुलाकर रकम और बेटों के शैक्षिक प्रमाणपत्र लिए गए। इस दौरान उन्होंने सात लाख रुपये की व्यवस्था करके आरोपियों को दिए। कुछ समय बाद दोनों बेटों के नाम नियुक्ति पत्र घर पर पहुंचे। इसके बाद आरोपियों ने तीन लाख रुपये और मांगे। इस पर उन्होंने 20, 21 और 22 सितंबर 2022 को अपने मित्र से तीन लाख रुपये लेकर डॉ. विप्रा शर्मा के खाते में ऑनलाइन स्थानांतरित कराए। करीब एक साल बाद चार अक्तूबर 2023 को दोबारा नियुक्ति पत्र भेजे गए। जब वह अपने बेटों को लेकर नियुक्ति स्थल पहुंचे तो वहां पत्र फर्जी बताकर नियुक्ति से मना कर दिया गया।
शिकायत करने पर दी गई धमकी
राधेश्याम ने आरोप लगाया कि शिकायत करने पर आरोपी पिता-पुत्री ने उन्हें धमकी दी। जून 2026 में वह आरोपियों के घर पहुंचे तो ताला लगा मिला। इसके बाद उन्होंने बारादरी थाने में तहरीर देकर वीरेंद्र कुमार शर्मा और डॉ. विप्रा शर्मा के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया है।
अब तक दर्ज हुए 34 मुकदमे
बारादरी पुलिस ने 28 अप्रैल को फर्जी आईएएस गैंग का भंडाफोड़ कर डॉ. विप्रा शर्मा, उसकी बहन शिखा शर्मा और ममेरी बहन दीक्षा पाठक को गिरफ्तार करके जेल भेजा था। डॉ. विप्रा शर्मा इस गैंग की सरगना है, जो खुद को आईएएस बताती थी। लोगों से वह एसडीएम और एडीएम बनकर मिलती थी। अन्य दोनों बहनें युवाओं को नौकरी का झांसा देकर फंसाकर लाती थीं। अब तक इस गैंग के खिलाफ बारादरी, कोतवाली, सुभाषनगर, किला और इज्जतनगर थाने में 34 मुकदमे दर्ज हो चुके हैं।


