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बरेली

रामगंगा का जलस्तर बढ़ने के बाद बनाई गई बाढ़ चौकियां

हिन्दुस्तान टीम,बरेलीPublished By: Newswrap
Fri, 18 Jun 2021 11:31 PM
रामगंगा का जलस्तर बढ़ने के बाद बनाई गई बाढ़ चौकियां

मानसून सीजन शुरू होने के साथ नदियों के जलस्तर में वृद्धि भी शुरू हो गई है। हाल के दिनों में बारिश से रामगंगा नदी के जलस्तर में दो से तीन मीटर की वृद्धि हुई है, हालांकि नदी खतरे के निशान से नीचे बह रही है।

नदियों के जलस्तर में प्रतिदिन हो रही वृद्धि को देखते हुए सिंचाई विभाग का बाढ़ खंड भी सक्रिय हो गया है। विभाग की ओर से नदियों के जलस्तर की प्रतिदिन निगरानी कराई जा रही है। इसके लिए टीमों का गठन करने के साथ बाढ़ चौकियां भी सक्रिय की गई हैं। सिंचाई विभाग के साथ ही जल स्तर की निगरानी के लिए राजस्व विभाग की ओर से भी 42 बाढ़ चौकियां बनाई गई हैं। जलस्तर खतरे के करीब पहुंचने के साथ ही इन्हें भी सक्रिय कर दिया जाएगा। बीते कुछ दिनों में रामगंगा के जलस्तर में हुई वृद्धि से नदी किनारे के किसानों की चिंता भी बढ़ गई है। जलस्तर बढ़ने से नदी के कछार इलाके में खेती पर संकट मंडराने लगा है।

सिंचाई विभाग (बाढ़ खंड) के इंजीनियरों ने बताया रामगंगा में शुक्रवार को जलस्तर 157.09 मीटर मापा गया जबकि खतरे का निशान 163.070 है। अभी भी नदी खतरे के निशान से छह मीटर नीचे बह रही है। सिंचाई विभाग अधिकारियों की मानें तो नदी का अधिकतम जलस्तर 1978 में 162.881 आंका गया था। बाढ़ खंड के अधिशासी अभियंता राजेंद्र कुमार ने बताया आमतौर पर जिले की नदियों में अगस्त महीने तक ही बढे़ जलस्तर से परेशानियां खड़ी होती हैं। उन्होंने बताया बाढ़ से बचाव के लिए सभी जरूरी इंतजाम कर लिए गए हैं। जलस्तर की लगातार निगरानी की जा रही है।

गठित किया गया कंट्रोल रूम

बारिश का मौसम शुरू होने के साथ ही सिंचाई विभाग की ओर से कंट्रोल रूम का गठन करने के साथ ही हेल्पलाइन नंबर भी जारी किया गया है। नदियों में पानी बढ़ने से बाढ़ जैसी स्थिति बनने पर 0581-2511664 पर फोन किया जा सकता है। कंट्रोल रूम 24 घंटे सक्रिय रहेगा।

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