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चौपुला पुल पर मांझे से महिला कांस्टेबल घायल

चौपुला पुल पर मांझे से महिला कांस्टेबल घायल

पुलिस लाइंस में ड्यूटी के बाद घर लौट रही रेडियो ऑपरेटर प्रीति चौधरी चौपुला पुल पर चाइनीज माझे की चपेट में आ गई। माझे की चपेट में आने से प्रीति की आंख और नाक के पास गहरा घाव हो गया।

लहूलुहान प्रीति को डायल 100 बदायूं रोड के एक प्राइवेट अस्पताल में लेकर पहुंची। जहां उनका इलाज चल रहा है। सुभाषनगर के शान्ति विहार निवासी प्रीति चौधरी पुलिस लाइन में महिला हेड कांस्टेबल हैं। रविवार को वह स्कूटी से ड्यूटी कर वापस घर जा रही थीं। चौपुला पुल पर पंतग का मांझा उसकी गर्दन में उलझ गया। जिस वजह से महिला हेड कांस्टेबल की गर्दन व नाक लहूलुहान हो गईं।

हेड कांस्टेबल को जख्मी हालत में देख लोगों ने पीआरवी को सूचना दी। जानकारी पर पहुंची पीआरवी ने महिला को बदायूं रोड स्थित एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया। दस दिन पहले किला पुल पर बिधौलिया सीबीगंज के रहने वाले शोरूम मैनेजर तुषार अग्रवाल की गर्दन मांझे से कट गई थी।

महिला कांस्टेबल की कट चुकी है गर्दनशहर में शहामतगंज पुल, किला, व चौपुल पुल पर पतंग के मांझे से कई हादसे हुए है। जबकि हार्टमैन फ्लाईओवर पर मांझे से गर्दन कटने से किशोर की मौत हो गई। छह जून को वीरसावरकर नगर निवासी सीए छात्र की नाक शहामतगंज पुल पर मांझे से लहुलुहान हो गई थी। ज्ञात हो 14 फरवरी को महिला थाने में डयूटी करने वाली कांस्टेबल आरती शुक्ला की स्कूटी से वापस आते समय शहामतगंज पुल पर मांझे की चपेट में आने से गर्दन कट गई थी।

कांस्टेबल ड्यूटी के बाद इज्जतनगर जा रही थी। जख्मी हालत में उसे निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया। जहां वह कई दिन तक आईसीयू में भर्ती रहीं। कई दिन के इलाज के बाद वह ठीक हो पाई।बरेली के चार ओवरब्रिजों पर हर वक्त माझे का खतरा शहामतगंज, चौपुला, किला और हार्टमैन ओवरब्रिज के इर्द-गिर्द बसी कालोनियों के लोग ख्रूब पतंगबाजी करते हैं। ऐसे में ओवरब्रिज पर अक्सर मांझा आ जाता है।

शहामतगंज पुल पर नगर निगम ने तार बांध दिए। मगर किला, चौपुला और हार्टमैन पुल पर हर वक्त खतरा मंडराता रहता है। पिछले पांच सालों में किला पर पर 10, चौपुला पर 20 से अधिक, हार्टमैन पुल पर 10, पिछले साल शुरू हुए शहामतगंज ओवरब्रिज पर 15 से अधिक हादसे हो चुके हैं।

चाइनीज माझे पर रोक के नाम पर सिर्फ बातें पिछले तीन साल में प्रशासन और पुलिस ने चाइनीज माझे के खिलाफ कई बार अभियान चलाया है। अफसर माझे पर सख्ती से रोक लगाने की बजाय कुछ दिन शोर मचाने के बाद खामोश हो जाते हैं। इस वजह से माझे पर रोक नहीं लग पाती।

चाइनीज माझे पर रोक न लगने के कारण देसी माझे के कारीगर बुरे दौर से गुजर रहे हैं। कुछ दिन पहले किला पर पर हुइ्र्र थी घटना कुछ दिन पहले किला पुल पर माझे से कटने से एक युवक घायल हो गया था। इस पुल पर पहले रोजाना माझे से कटने की घटना होती थी। बाद में प्रशासन ने जाल लगा दिया था। अब जाल कुछ जगह से टूट गया है। ऐसे में फिर से घटनाएं होने लगी हैं।

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  • Web Title:female constable injured on chaupla pul at bareilly