छटनी के नाम पर हटाए गए संविदा-निविदाकर्मियों को वापस रखा जाए
विद्युत निगम के आउटसोर्सिंग कर्मचारियों ने डिप्टी सीएम से मांग की गई है कि हटाए गए कर्मचारियों को वापस लिया जाए, सेवानिवृत्ति की उम्र बढ़ाई जाए और स्टाफ बढ़ाई जाए। उन्होंने दुर्घटनाओं और मृत्यु की चिंता व्यक्त की है।

विद्युत निगम में कार्यरत बिजली आउटसोर्सिंग कर्मचारियों की समस्याओं को लेकर यूपी पावर कॉरपोरेशन निविदा संविदा कर्मचारी संघ के पदाधिकारियों ने डिप्टी सीएम को संबोधित ज्ञापन जिला प्रशासन के माध्यम से भेजा। आउटसोर्सिंग संविदा कर्मचारी संघ के जिलाध्यक्ष रिंकू श्रीवास्तव ने ज्ञापन के माध्यम से बताया कि पावर कॉर्पोरेशन प्रबंधन ने लगभग 25,000 बिजली आउटसोर्स कर्मचारियों को कार्य से हटा दिया है। कर्मचारियों की इस कमी के कारण शेष आउटसोर्स कर्मचारियों पर कार्य का अधिक लोड है। 11 केवी आउटगोइंग फीडरों पर एक गैंग (जिसमें एक लाइनमैन, एक पेट्रोलमैन/कुशल श्रमिक और दो अकुशल श्रमिक शामिल होते हैं) के स्थान पर केवल एक कर्मचारी तैनात हैं।
इसके अलावा, अकुशल श्रमिकों से एच.टी./एल.टी. लाइनों, ट्रांसफार्मरों और ब्रेकरों पर कार्य कराया जा रहा है, जिससे दुर्घटनाओं हो रही हैं और आउटसोर्स कर्मचारियों की मृत्यु हो रही है। ज्ञापन के माध्यम से हटाए गए लोगों को वापस लेने, सेवानिवृत्ति की उम्र 60 वर्ष करने व स्टाफ बढ़ाने की मांग की है। जिला महामंत्री राहुल शर्मा, चंद्रप्रकाश, दयाशंकर, रूप सिंह, बड्डन, देवेंद्र, प्रकश समेत अन्य रहे।
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