मुख्यमंत्री तक नहीं पहुंचें शिकायतें, यही हो निस्तारण
Bareily News - डीएम ने सोमवार को जनसुनवाई में शिकायतों के निस्तारण की समीक्षा की। उन्होंने अधिकारियों को समय पर समस्याओं का समाधान करने और जनसुनवाई की लाइव मॉनिटरिंग करने के निर्देश दिए। अनुपस्थित अधिकारियों पर कार्रवाई की बात कही गई। उन्होंने शिकायतों के निस्तारण की गुणवत्ता में सुधार लाने के लिए भी निर्देश दिए।

डीएम ने सोमवार को जनसुनवाई में प्राप्त होने वाले प्रार्थना पत्रों के गुणवत्तापूर्वक और समयबद्ध निस्तारण के संबंध में समीक्षा बैठक कलेक्ट्रेट सभागार में की। उन्होंने कहा कि अक्सर यह देखने में आया है कि अधिकतर शिकायतकर्ता मुख्यमंत्री के जनता दरबार में अपनी शिकायत लेकर जा रहे हैं। यह अच्छी बात नहीं है। इस पर नाराजगी व्यक्त करते हुए सुधार करने के निर्देश दिए। कहा कि सभी अधिकारी सुबह 10:00 बजे से 12:00 बजे तक अपने कार्यालय में बैठकर समस्याओं को सुने और उनका निस्तारण करें। जनसुनवाई की लाइव मॉनिटरिंग लगातार शासन स्तर से की जा रही है जिसमें किसी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
ऐसे लोगों को बुलवा कर बात की जाए जो पहले तो समस्या के निस्तारण से संतुष्ट होते है परंतु कुछ दिन बाद असंतुष्ट फीडबैक दे देते हैं। जिन शिकायतों का निस्तारण किया जाए उसे पोर्टल पर अपलोड भी किया जाए। गायब अधिकारियों पर कार्रवाई के निर्देश डीएम अविनाश सिंह की अध्यक्षता में आईजीआरएस पर प्राप्त संदर्भों की प्रगति की समीक्षा बैठक कलेक्ट्रेट स्थित सभागार में हुई। बैठक में उन्होंने कहा, उपनिदेशक कृषि की शिकायतकर्ता से संपर्क करने का फीडबैक कम है। इसमें सुधार करने के निर्देश दिए। बैठक में उन्होंने पाया कि समाज कल्याण विभाग के अधिकतर ऐसी शिकायत हैं जो कि शीघ्र ही डिफाल्टर में चले जाएंगी। जिस पर शीघ्र सुधार सुधार करने से निर्देश दिये। नगर निगम और समाज कल्याण अधिकारी के अनुपस्थित होने के कारण दंडात्मक कार्यवाही के निर्देश दिये।
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