Bareily News: 19 महीने का कार्यकाल, कई फैसलों से सुर्खियों में रहीं दिव्या मित्तल
Bareily News: दिव्या मित्तल का बीडीए में 19 महीनों का कार्यकाल चर्चित रहा। उन्होंने वित्तीय स्थिति सुधारने, अवैध निर्माण के खिलाफ कार्रवाई और कोरोना संक्रमण के दौरान समन्वय का कार्य किया। उनके कार्यकाल में कई अनधिकृत कॉलोनियों की पहचान की गई और वित्तीय कर्ज चुकता किया गया।

Bareily News: बरेली। बरेली विकास प्राधिकरण (बीडीए) की उपाध्यक्ष रही दिव्या मित्तल ने 19 महीने का कार्यकाल शहर की प्रशासनिक हलचल में खासा चर्चित रहा। फरवरी 2019 से सितंबर 2020 तक बीडीए की कमान संभालने के दौरान उन्होंने वित्तीय स्थिति सुधारने, रामगंगा नगर आवासीय योजना में कब्जों के खिलाफ कार्रवाई और अवैध निर्माण व कॉलोनियों पर शिकंजा कसने जैसे कई फैसले लिए। हालिया उनके कार्यकाल एक निजी अस्पताल पर ध्वस्तीकरण की कार्रवाई खूब सुर्खियों में रही थी। सबसे ज्यादा सुर्खियों वाला मामला 2019 में निजी बिल्डर की कॉलोनी में तमाम खामियां मिलने पर नक्शा सस्पेंड किया गया था। उस समय दिव्या मित्तल ही बीडीए की उपाध्यक्ष थी। इसके बाद राजेंद्र नगर में गुलमोहर पार्क कॉलोनी रोड पर दो भूखंडो को जोड़ कर बनाए जा रहे अस्पताल का रहा। दोनों भूखंड पर आवासीय नक्शा पास था लेकिन उस पर कामार्शियल निर्माण किया जा रहा था। दो साल से हो रहे निर्माण को रोकने के लिए बीडीए ने निर्माण सील कर दिया था इसके बाद भी सील तोड़ कर अवैध निर्माण किया जा रहा था। इस बीच निर्माण के ध्वस्तीकरण का आदेश भी जारी हुआ लेकिन इसका असर नहीं हुआ। जब ये प्रकरण उपाध्यक्ष रही दिव्या मित्तल के सामने आया तो उन्होंने निर्माण को फिर सील कराया था। ध्वस्तीकरण कार्रवाई के दौरान दिव्या मित्तल हेलमेट पहनकर मौके पर पहुंची थी और अवैध निर्माण को ध्वस्त करा दिया था。
32 करोड़ के कर्ज से जूझ रहा था बीडीए
फरवरी 2019 में कार्यभार संभालने के समय बीडीए पर पंजाब नेशनल बैंक का करीब 32 करोड़ रुपये का कर्ज था। उनके कार्यकाल में यह कर्ज चुकाया गया और प्राधिकरण को डिफॉल्टर होने से बचाया गया था। इसके अलावा रामगंगा नगर आवासीय योजना लंबे समय से अवैध कब्जों की समस्या से जूझ रही थी। दिव्या मित्तल के कार्यकाल में योजना के 300 एकड़ से अधिक क्षेत्र में कब्जों को चिह्नित कर उन्हें हटाने की कार्रवाई शुरू की गई थी। इसके साथ ही योजना में भूखंड आवंटन की प्रक्रिया को आगे बढ़ाने पर भी जोर दिया गया।
अवैध कॉलोनियों पर चला था अभियान
जनवरी 2020 में बीडीए ने शहर और आसपास विकसित हो रही करीब 200 अनधिकृत आवासीय कॉलोनियों को चिह्नित किया था। उस समय दिव्या मित्तल बीडीए उपाध्यक्ष थीं। बीडीए ने कई कॉलोनियों में स्वीकृत मानचित्र के विपरीत निर्माण, ग्रीन बेल्ट पर कब्जे और आवासीय भूखंडों में व्यावसायिक गतिविधियां जैसी अनियमितताएं सामने आई थीं। उनके कार्यकाल में अवैध निर्माण को लेकर कार्रवाई की गई। जून 2020 में नार्थ सिटी एक्सटेंशन के पास एक भवन का निर्माण बीडीए के रोकने के बावजूद दोबारा शुरू होने का मामला सामने आया था। उस समय दिव्या मित्तल ने दोबारा निर्माण पाए जाने पर भवन सील करने की कार्रवाई की बात कही थी।
कोरोना नियंत्रण की मिली थी जिम्मेदारी
कोरोना संक्रमण के दौरान उन्हें बरेली में नोडल जिम्मेदारी भी दी गई थी। उन्होंने स्वास्थ्य विभाग, तहसील और जिला प्रशासन के बीच समन्वय का काम किया। कुल मिलाकर, बरेली में दिव्या मित्तल का कार्यकाल वित्तीय सुधार, रामगंगा नगर योजना, अवैध कॉलोनियों और निर्माण के खिलाफ कार्रवाई के कारण चर्चा में रहा।


