Hindi NewsUttar-pradesh NewsBareily NewsDigital Expansion and Smart Agriculture Innovations 21-Day Winter School Launched at IVRI
रोगों के प्रकोप से पूर्व किसानों तक पहुंचे सूचना: डॉ. अजीत

रोगों के प्रकोप से पूर्व किसानों तक पहुंचे सूचना: डॉ. अजीत

संक्षेप:

Bareily News - - आईवीआरआई में डिजिटल विस्तार व स्मार्ट कृषि पर शुरू हुआ 21 दिवसीय शीतकालीन विद्यालय

Jan 16, 2026 02:05 am ISTNewswrap हिन्दुस्तान, बरेली
share Share
Follow Us on

बरेली। आईवीआरआई में गुरुवार को ‘डिजिटल विस्तार एवं स्मार्ट कृषि में नवाचार’ विषय पर 21 दिवसीय शीतकालीन विद्यालय का शुभारंभ हुआ। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि आईसीएआर के सहायक महानिदेशक डॉ. अजीत सिंह यादव रहे। उन्होंने ने कहा कि पशुपालन क्षेत्र में रोगों के प्रकोप से पूर्व किसानों तक समय पर सूचना का प्रभावी प्रसार, निवारक रणनीतियों का विकास और हितधारकों के साथ निरंतर संवाद अत्यंत आवश्यक है। समय रहते जागरूकता और समुचित हस्तक्षेप से रोगजनित हानियों को काफी हद तक कम किया जा सकता है, जिससे किसानों की आय में उल्लेखनीय वृद्धि संभव है। आईवीआरआई के निदेशक डॉ. त्रिवेणी दत्त ने कृषि प्रसार में नवाचार, गुणवत्तापूर्ण शिक्षा और डिजिटल रूपांतरण की आवश्यकता पर प्रकाश डाला।

प्यार से लेकर प्रमोशन तक 2026 का पूरा हाल जानें ✨अभी पढ़ें

उन्होंने पशुपालक समुदाय और पशुधन क्षेत्र से जुड़े उद्यमियों के कल्याण के लिए संस्थान द्वारा विकसित विभिन्न संसाधनों की जानकारी भी साझा की। संयुक्त निदेशक प्रसार शिक्षा डॉ. रूपसी तिवारी ने कहा कि भारतीय कृषि और पशुपालन एक बड़े परिवर्तन के दौर से गुजर रहे हैं। डिजिटल तकनीकें, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और स्मार्ट फार्मिंग समाधान किसानों तक ज्ञान और सेवाएं पहुंचाने की कार्यप्रणाली को तेजी से बदल रहे हैं। ये नई तकनीकें ज्ञान के सृजन, प्रसार और अंगीकरण की प्रक्रिया को नए आयाम दे रही हैं। उन्होंने बताया कि प्रशिक्षण के दौरान प्रतिभागियों को डिजिटल संचार रणनीतियों, सोशल मीडिया, ब्लॉग, पॉडकास्ट, रेडियो एवं टेलीविजन स्क्रिप्टिंग, फोटोग्राफी और वीडियो आधारित एक्सटेंशन के साथ-साथ एआई, मशीन लर्निंग, बिग डेटा, ड्रोन, आईओटी और ब्लॉकचेन जैसी उन्नत तकनीकों से परिचित कराया जाएगा। इसके अलावा डेयरी, पोल्ट्री, जैविक खेती और पर्वतीय कृषि में स्मार्ट फार्मिंग के अनुप्रयोगों, ऑनलाइन शिक्षा प्लेटफॉर्म, डिजिटल साक्षरता कार्यक्रमों तथा ई-एक्सटेंशन की नीति, नैतिकता और प्रभाव मूल्यांकन पर भी विशेष सत्र आयोजित किए जाएंगे। देशभर से 21 प्रतिभागी ले रहे हिस्सा डॉ. रूपसी तिवारी ने बताया कि शीतकालीन विद्यालय में कुल 21 प्रतिभागी भाग ले रहे हैं, जिनमें 14 सहायक प्राध्यापक, तीन वैज्ञानिक और चार विषय-वस्तु विशेषज्ञ (एसएमएस) शामिल हैं। इनमें मेरठ, बीकानेर, जोरहाट, लुधियाना, हिसार, पंतनगर, कराड, वाराणसी सहित देशभर के विभिन्न राज्य कृषि एवं पशु चिकित्सा विश्वविद्यालयों, केंद्रीय विश्वविद्यालयों, कृषि विज्ञान केंद्रों और आईसीएआर के संस्थानों से प्रतभागी शामिल होने आए हैं।