आउटसोर्सिंग कर्मियों के बढ़े हुए मानदेय का आदेश शीघ्र जारी हो
Bareily News - बरेली में शिक्षणेत्तर कर्मचारी संयुक्त परिषद के जिलाध्यक्ष हरी शंकर ने प्रदेश सरकार से आउटसोर्सिंग कर्मियों के मानदेय में वृद्धि की मांग की है। उन्होंने कहा कि ये कर्मी शिक्षा व्यवस्था की रीढ़ हैं, और उन्हें कम मानदेय पर काम करना पड़ रहा है। महंगाई के दौर में उनकी स्थिति चिंताजनक है।

बरेली। शिक्षणेत्तर कर्मचारी संयुक्त परिषद, बरेली के जिलाध्यक्ष हरी शंकर ने प्रदेश सरकार से मांग की है कि जिस प्रकार शिक्षा मित्रों एवं अनुदेशकों के मानदेय में वृद्धि कर उन्हें आर्थिक राहत प्रदान की गई है, उसी प्रकार अशासकीय सहायता प्राप्त माध्यमिक विद्यालयों एवं अन्य विभागों में कार्यरत आउटसोर्सिंग कर्मियों के मानदेय में भी शीघ्र वृद्धि का आदेश जारी किया जाए। हरी शंकर ने कहा कि आउटसोर्सिंग कर्मी शिक्षा व्यवस्था की रीढ़ के समान हैं। ये कर्मी विद्यालयों में कार्यालयी कार्य, सफाई व्यवस्था, तकनीकी सहयोग सहित अनेक महत्वपूर्ण जिम्मेदारियों का निर्वहन करते हैं। इसके बावजूद उन्हें अत्यंत कम मानदेय पर कार्य करना पड़ रहा है, जो उनके साथ अन्याय है।
उन्होंने आगे कहा कि बढ़ती महंगाई के इस दौर में वर्तमान मानदेय से परिवार का भरण-पोषण करना अत्यंत कठिन हो गया है। जहां एक ओर सरकार विभिन्न वर्गों के लिए कल्याणकारी योजनाएं लागू कर रही है, वहीं आउटसोर्सिंग कर्मियों की उपेक्षा चिंता का विषय है। जिलाध्यक्ष हरी शंकर ने प्रदेश सरकार से अपील करते हुए कहा कि आउटसोर्सिंग कर्मियों के लिए भी एक समान एवं सम्मानजनक मानदेय नीति बनाई जाए। यदि शीघ्र ही इस दिशा में सकारात्मक निर्णय नहीं लिया गया तो कर्मचारियों में असंतोष बढ़ सकता है। अंत में उन्होंने कहा कि सरकार को संवेदनशीलता दिखाते हुए शिक्षा मित्रों एवं अनुदेशकों की भांति आउटसोर्सिंग कर्मियों के मानदेय में वृद्धि का आदेश तत्काल जारी करना चाहिए, ताकि उन्हें भी सम्मानजनक जीवन जीने का अवसर मिल सके और वे अपने कार्यों को और अधिक निष्ठा एवं समर्पण के साथ कर सकें।
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