अब कुश्ती के लिए बालिकाएं न मिलने से नहीं बन सकी टीम
Bareily News - - बुधवार को होना था प्रदेश स्तरीय समन्वय जूनियर बालिका कुश्ती के लिए जिला, मडंलीय ट्रायल - स्पोर्ट्स स्टेडियम में ट्रायल के लिए पहुंची महज तीन लड़किया

बरेली। जिले में कई खेलों के प्रति लोगों का लगाव कम होता जा रहा है। इसका ताजा उदाहरण कुश्ती से ही लिया जा सकता है। स्पोर्ट्स स्टेडियम व खेल विभाग की ओर से कुश्ती के लिए कोच नहीं है। इस कारण लोकप्रिय खेल कुश्ती के खिलाड़ी कम होते जा रहे हैं। बुधवार को प्रदेश स्तरीय समन्वय जूनियर बालिका कुश्ती के लिए जिला व मंडल स्तरीय ट्रायल का आयोजन था। ट्रायल के लिए केवल तीन लड़कियां पहुंचने के कारण जहां न तो ट्रायल हो सका और न ही टीम बन सकी। नौ से 11 जनवरी तक आजमगढ़ में प्रदेश स्तरीय समन्वय जूनियर बालिका कुश्ती का आयोजन किया जा रहा है।
इस प्रतियोगिता के लिए बरेली मंडल की भी टीम जानी थी। टीम चयन के लिए ट्रायल सात जनवरी को दोपहर तीन बजे स्पोर्ट्स स्टेडियम में था। ट्रायल के आधार पर खिलाड़ियों का चयन करके मंडलीय टीम को प्रतियोगिता के लिए भेजा जाना था, लेकिन केवल तीन खिलाड़ी पहुंचने के कारण न तो ट्रायल हो सका और न ही बरेली मंडल की टीम बन सकी। इसके पीछे का कारण जानने की कोशिश की गई तो मालूम हुआ कि खेल विभाग की ओर से कुश्ती का न तो कोई कोच है और ना ही इस खेल को बढ़ावा देने के लिए प्रयास किए जा रहा है। जिवा कुश्ती एसोसिएशन के सचिव योगेंद्र कुमार बालकों की टीम लेकर चंडीगढ़ गये हुए हैं। ऐसे में वह भी ट्रायल के दौरान मौजूद नहीं रहे।
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