ठगी के 524 मामलों में इस्तेमाल 23 खातों की समन्वय पोर्टल से होगी जांच
Bareily News - कैंट थाना क्षेत्र में साइबर ठगों का एक नेटवर्क पकड़ा गया है, जिसमें पांच आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है। पुलिस ने 524 ठगी के मामलों में इस्तेमाल हुए 23 बैंक खातों का डेटा गृह मंत्रालय के समन्वय पोर्टल पर भेजा है। यह जांच विभिन्न राज्यों में साइबर ठगी के मामलों की संयुक्त जांच में मदद करेगी।

कैंट थाना क्षेत्र में गिरफ्तार साइबर ठगों के नेटवर्क की जांच अब गृह मंत्रालय के समन्वय पोर्टल के जरिए की जाएगी। पुलिस ने ठगी के 524 मामलों में इस्तेमाल हुए 23 बैंक खातों का डाटा समन्वय पोर्टल पर भेजने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। इन खातों के जरिए विभिन्न राज्यों में हुई साइबर ठगी के मामलों की संयुक्त जांच की जाएगी। बता दें कि कैंट पुलिस ने शनिवार को फरीदपुर के मोहल्ला बक्सरिया निवासी शाकिब अली, करगैना के जागृतिनगर निवासी आशीष सिंह, भमोरा के गांव बल्लिया राजकुमार, अंबेडकरनगर में थाना अकबरपुर के सिधौली निवासी डॉ. सचेंद्र कुमार और बाराबंकी में थाना टिकैतनगर के गांव रायपुर मजरे अगानपुर निवासी बब्लू उर्फ माधोराम को गिरफ्तार कर जेल भेजा था।
यह गैंग साइबर ठगी की रकम डॉ. सचेंद्र कुमार के ट्रस्ट एसआर संस एंड ग्रुप के खाते में मंगाकर केरल समेत अन्य प्रदेशों में संचालित 22 अन्य खातों में ट्रांसफर कर रहा था। जांच में सामने आया कि इनमें से 15 खातों के खिलाफ साइबर ठगी की 524 शिकायतें दर्ज हैं, जिनमें कुछ मामले एक करोड़ रुपये से ज्यादा की ठगी के भी हैं। इस मामले फरार नवाबगंज के सुमित और उसके भांजे निर्मल की तलाश में पुलिस टीमें जुटी हैं।समन्वय पोर्टल से बढ़ जाता है कार्रवाई का दायरापुलिस के मुताबिक एक से अधिक राज्यों में साइबर ठगी की घटनाएं होने पर गृह मंत्रालय के समन्वय पोर्टल के माध्यम से संयुक्त जांच की जाती है। कैंट पुलिस द्वारा गिरफ्तार पांच साइबर ठगों का नेटवर्क चाइना, नेपाल से लेकर केरल तक फैला होने की जानकारी सामने आई है। ऐसे में इनके इस्तेमाल किए गए 23 बैंक खातों के लेनदेन और उनसे जुड़े अन्य पहलुओं की गहन जांच की जा रही है।अंबेडकरनगर की ट्रस्ट का खंगाला जा रहा लेनदेनजांच में सामने आया है कि गिरफ्तार पांचों आरोपी साइबर ठगी की रकम अंबेडकरनगर के डॉ. सचेंद्र कुमार के ट्रस्ट एसआर संस एंड ग्रुप के खाते से आगे ट्रांसफर करते थे। इसके चलते ट्रस्ट के संबंध में पूरी जानकारी जुटाई जा रही है। साथ ही इन खातों में हुए लेनदेन के साथ ही अन्य संबंधित खातों और व्यक्तियों की भी जानकारी जुटाई जा रही है। पुलिस का कहना है कि समन्वय पोर्टल के जरिए विभिन्न राज्यों की एजेंसियों से समन्वय स्थापित कर गिरोह के पूरे नेटवर्क का खुलासा किया जाएगा।
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