Bareily News: खस्ताहाल रुढ़की मार्ग से निकलना मुश्किल

हिन्दुस्तान, बरेली
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Bareily News: बहेड़ी के रुढ़की मार्ग पर खस्ताहाल सड़क के कारण लोगों को गुजरने में परेशानी हो रही है। एसडीएम ने इस सड़क के निर्माण का प्रस्ताव अनुमोदन के लिए भेजा है। बरसात में सड़क के गड्ढे गंदगी का कारण बनते हैं, जिससे छात्रों की ड्रेस खराब हो जाती है। ग्रामीणों ने डीएम से मदद की मांग की है।

Bareily News: खस्ताहाल रुढ़की मार्ग से निकलना मुश्किल

Bareily News: बहेड़ी, संवाददाता। रुढ़की मार्ग की खस्ताहाल सड़क से लोगों का गुजरना मजबूरी बन गया है। मंडी समिति की इस सड़क को अरसे से नहीं बनवाया गया है। एसडीएम ने इस सड़क का प्रस्ताव अनुमोदन के लिए भेजा है। बरसात में छात्र छात्राओं की ड्रेस गन्दी हो जाती है। यह रास्ता पोलिटेक्निक को भी जाता है। नरायन नगला से ट्यूली तक यह सड़क महज तीन किलोमीटर लंबी है जो कि चार साल पहले मंडी से बनी थी। सड़क बनने के एक साल बाद से ही जर्जर हो चुकी है। ऊबड़ खाबड़ सड़क पर लोगों का गुजरना मुश्किल हो गया है। बरसात के दिनों में सड़क के बड़े बड़े गड्ढे तालाब का रूप ले लेते हैं। उसमें बरसात का पानी भर जाने पर लोगों के कपड़े गंदे हो जाते हैं।

स्कूलों के पास की समस्या

इस मार्ग पर राजकीय पॉलिटेक्निक कॉलेज, असीसी कान्वेंट स्कूल, रशीद मेमोरियल हाई स्कूल और एक प्राइवेट हॉस्पिटल है। यहां से गुजरने वाले छात्र-छात्राओं की बरसात के दिनों में तालाब ड्रेस गन्दी हो जाती है।

एसडीएम ने प्रस्ताव बनाकर भेजा

एसडीएम ने सप्ताह भर पूर्व इस रोड पर स्थित राजकीय पॉलिटेक्निक का मुआयना किया था। इसमें जर्जर रास्ते की बात सामने आने पर एसडीएम ने मंडी से प्रस्ताव बनवाकर भेजा था।

ग्रामीणों ने डीएम से मांग

इस सड़क के निर्माण के लिए एक माह पहले समाजसेवी अयाज खान के साथ ग्रामीणों वीरेंद्र, होरी लाल, झम्मन लाल, पूर्व प्रधान अकरम खां, भूप सिंह, महेंद्र पाल मौर्य आदि ग्रामीणों के साथ बरेली में डीएम से मिलकर निर्माण की मांग की थी। इसमें उन्होंने कहा है कि इस सड़क का निर्माण मंडी ने चार साल पहले कराया था। सड़क बनने के एक साल बाद ही खस्ता हो गई थी।

हमने इस सड़क को बनवाने से लिए डीएम से संपर्क किया। उसके बाद मंडी वालों ने बजट न होने की बात कहकर टाल दी

अयाज खान, समाजसेवी, रुढ़की

सामान्य प्रश्न

✦सड़क की स्थिति कब से खराब है?−
सड़क बनने के एक साल بعد से ही जर्जर हो चुकी है।
Hindustan | Bureau

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