Bareily News: फॉलोअप:अब जांच की बारी: गोशाला में मृत गोवंशों के पेट से निकली पॉलीथीन ने खोली दावों की पोल
Bareily News: बरेली में मृत गोवंशों का पोस्टमार्टम करने पर उनके पेट से 350 किलो पॉलीथीन निकली। नगर निगम के स्वास्थ्य विभाग द्वारा पॉलीथीन पर रोक लगाने के दावों की पोल खुल गई है। इस मामले की जांच के लिए तीन सदस्यीय कमेटी बनाई जाएगी। यह देखना है कि क्या इस रिपोर्ट से किसी पर कार्रवाई होगी।

Bareily News: बरेली,वरिष्ठ संवाददाता। शहर में प्रतिबंधित पॉलीथीन के इस्तेमाल पर रोक लगाने और लगातार अभियान चलाकर कार्रवाई करने के स्वास्थ्य विभाग के दावों के बीच गोशाला में मृत मिले गोवंशों के पोस्टमार्टम ने व्यवस्था की पोल खोल दी है। शनिवार को सात गोवंशों का पोस्टमार्टम कराया गया। इस दौरान उनके पेट से प्लास्टिक और पॉलीथीन के गुच्छे मिले थे। मामला सामने आने के बाद सबसे बड़ा सवाल यही है कि यदि नगर निगम का स्वास्थ्य विभाग प्रतिबंधित पॉलीथीन के खिलाफ लगातार अभियान चला रहे हैं तो फिर कूड़े के ढेर तक पॉलीथीन पहुंच कैसे रही है और उसे खाकर गोवंशों की जान क्यों जा रही है। नगर निगम के पशु कल्याण अधिकारी डा.हरपाल सिंह ने जो रिपोर्ट बनाई उसके मुताबिक दो अलग अलग तारीख में 7 गोवंश बीमार हालत में सीबीगंज स्थित कान्हा पशु आश्रय गौशाला में भेजे गए थे। इन गोवंशों की हालात ठीक नहीं थी। जब तक उनका इलाज हुआ उनकी मृतक शनिवार को हो गई थी। गोवंशों की मौत की खबर पर कुछ संगठनों के लोगों ने गोशाला पहुंचकर जमकर हंगामा किया था। हंगामे के पीछे बहुत पहलु है लेकिन जब गोवंशों का पोस्टमार्टम कराया तो उनके पेट से 350 किलो पॉलीथीन निकाली गई। इस प्रकरण की तय तक पहुंचने के लिए नगर आयुक्त संजीव कुमार मौर्य ने जांच कमेटी को लगाया है। अब सबसे बड़ा सवाल जांच कमेटी की रिपोर्ट को लेकर है। क्या रिपोर्ट में जिम्मेदारी तय होगी और लापरवाही करने वालों पर कार्रवाई होगी या फिर जांच महज औपचारिकता बनकर रह जाएगी। पोस्टमार्टम में सामने आए तथ्य के बाद शहर की नजर अब इसी जांच पर टिकी है.
गोवंश कूड़े से खा रही थी पॉलीथीन
पोस्टमार्टम में पेट से निकली पॉलीथीन यह संकेत देती है कि गोवंश कूड़े के ढेर से प्लास्टिक खा रही थी। ऐसे में सिर्फ पॉलीथीन बेचने या इस्तेमाल करने वालों पर कार्रवाई का दावा पर्याप्त नहीं माना जा सकता। कूड़ा उठाने की व्यवस्था, खुले में पड़े कचरे और उसकी निगरानी भी सवालों के घेरे में है.
तीन सदस्यीय कमेटी करेगी जांच
मामले की गंभीरता को देखते हुए नगर निगम स्तर पर तीन सदस्यीय जांच कमेटी बनाई जाएगी। कमेटी यह पता लगाएगी कि गोवंशों की मौत के पीछे पॉलीथीन की कितनी भूमिका रही, कूड़े के ढेरों तक प्रतिबंधित पॉलीथीन कैसे पहुंची और संबंधित स्तर पर निगरानी में कहां चूक हुई.


