चेयरमैन शहला ताहिर को चार्ज न देने पर कोर्ट नाराज, रिपोर्ट तलब
हाईकोर्ट के आदेश के बाद भी अफसरों ने चेयरमैन शहला ताहिर को चार्ज नहीं दिलाया। जिसपर गुरुवार को हाईकोर्ट में हुई सुनवाई के बाद हाईकोर्ट ने अफसरों को आदेश का पालन कराकर सोमवार तक हाईकोर्ट को इससे अवगत...

हाईकोर्ट के आदेश के बाद भी अफसरों ने चेयरमैन शहला ताहिर को चार्ज नहीं दिलाया। जिसपर गुरुवार को हाईकोर्ट में हुई सुनवाई के बाद हाईकोर्ट ने अफसरों को आदेश का पालन कराकर सोमवार तक हाईकोर्ट को इससे अवगत कराने के आदेश दिए हैं। जिसके बाद डीएम ने तहसीलदार को पत्र भेज कर हाईकोर्ट के आदेश का पालन कराने को कहा है।
भाजपा जिलाध्यक्ष रवीन्द्र सिंह राठौर के भाई नीरेन्द्र सिंह राठौर की शिकायतों के बाद 18 अगस्त वर्ष 2019 को शासन ने चेयरमैन शहला ताहिर के अधिकारों पर रोक लगा दी थी। जिसपर चेयरमैन शहला ताहिर ने हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया था। जिसपर सुनवाई करते हुए जस्टिस अजीत कुमार और जस्टिस रमेश सिन्हा ने 24 सितम्बर, 2019 को शासन के आदेश पर रोक लगा दी। इसके साथ ही आदेश का पालन कराने के लिए इसकी प्रतियां शासन के प्रमुख सचिव नगर विकास व डीएम को भेज दी गईं थीं। लेकिन दो माह बीतने के बाद भी शासन और प्रशासन ने हाईकोर्ट के आदेश पर अमल नहीं कराया।
जिसकी शिकायत चेयरमैन शहला ताहिर ने हाईकोर्ट से की। जिसपर कड़ा रुख अपनाते हुए हाईकोर्ट ने 24 घंटे के अंदर आदेश का पालन कराने के साथ सोमवार तक शपथ पत्र के साथ रिपोर्ट तलब की है। हाईकोर्ट का आदेश शासन को प्राप्त होने के बाद विशेष सचिव राजीव शर्मा ने डीएम को कार्रवाई के निर्देश दिए हैं। जिसपर डीएम ने तहसीलदार को पत्र भेज कर इसका अनुपालन कराने के साथ ही लौटती डांक से उनके कार्यालय को इसकी अख्या उप्लब्ध कराने के निर्देश दिए हैं।
कर्मियों को दो माह से नहीं मिला है वेतन
चेयरमैन शहला ताहिर के वित्तीय अधिकारों पर रोक लगाए जाने के आदेश पर हाईकोर्ट के रोक लगा देने के बाद प्रशासन ने कोर्ट के आदेश का पालन नहीं कराया। जिससे पालिका परिषद का कार्य ठप पड़ा है। जिसके चलते दो माह से पालिका कर्मियों को वेतन भी नहीं मिला है।
लेखक के बारे में
Dinesh Rathourदिनेश राठौर वर्तमान में 'लाइव हिन्दुस्तान' में डिप्टी चीफ कंटेंट प्रोड्यूसर के रूप में कार्यरत हैं। डिजिटल और प्रिंट
पत्रकारिता में 13 वर्षों से अधिक का अनुभव रखने वाले दिनेश ने अपने करियर की शुरुआत 2010 में हरदोई से की थी। कानपुर
यूनिवर्सिटी से स्नातक दिनेश ने अपने सफर में हिन्दुस्तान (कानपुर, बरेली, मुरादाबाद), दैनिक जागरण और राजस्थान पत्रिका
(डिजिटल) जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों में महत्वपूर्ण भूमिकाएं निभाई हैं। हरदोई की गलियों से शुरू हुआ पत्रकारिता का सफर
आज डिजिटल मीडिया के शिखर तक पहुँच चुका है। दिनेश राठौर ने यूपी और राजस्थान के विभिन्न शहरों की नब्ज को प्रिंट और
डिजिटल माध्यमों से पहचाना है।
लाइव हिन्दुस्तान की यूपी टीम में कार्यरत दिनेश दिनेश, खबरों के पीछे की राजनीति और सोशल मीडिया के ट्रेंड्स (वायरल
वीडियो) को बारीकी से विश्लेषण करने के लिए जाने जाते हैं।
पत्रकारिता का सफर
हरदोई ब्यूरो से करिअर की शुरुआत करने के बाद दिनेश ने कानपुर हिंदुस्तान से जुड़े। यहां बतौर स्ट्रिंगर डेस्क पर करीब
एक साल तक काम किया। इसके बाद वह कानपुर में ही दैनिक जागरण से जुड़े। 2012 में मुरादाबाद हिंदुस्तान जब लांच हुआ तो
उसका हिस्सा भी बने। करीब दो साल यहां नौकरी करने के बाद दिनेश राजस्थान पत्रिका से जुड़ गए। सीकर जिले में दिनेश ने
करीब तीन साल तक पत्रकारिता की। उन्होंने एक साल तक डिजिटल का काम भी किया। 2017 में दिनेश ने बरेली हिंदुस्तान में
प्रिंट के डेस्क पर वापसी की। लगभग दो साल की सेवाओं के बाद डिजिटल हिंदुस्तान में काम करने का मौका मिला जिसका सफर जारी
है।
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