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बरेलीकोरोना का खौफ:मस्जिद, मदरसा, घरों से हो रही कोरोना खात्मे की दुआ

हिन्दुस्तान टीम,बरेलीPublished By: Newswrap
Fri, 16 Apr 2021 08:00 PM
कोरोना का खौफ:मस्जिद, मदरसा, घरों से हो रही कोरोना खात्मे की दुआ

रमजान का महीना हर मुसलमान के लिए बहुत अहमियत रखता है, जिसमें 30 दिनों तक रोजे रखे जाते हैं। इस्लाम के मुताबिक, पूरे रमजान को तीन हिस्सों में बांटा गया है। पहले दस रोजे रहमत, दूसरे दस रोजे मगफिरत आखिर दस रोजे जहन्नुम की आग से बचाव के लिए होता है। दूसरी बार रमजान में कोरोना का खौफ बना है। ऐसे में घरों से लेकर मस्जिद, मदरसों में कोरोना खात्मे की दुआ हो रही है।

दरगाह आला हजरत के मीडिया प्रभारी नासिर कुरैशी ने बताया कि रमजान के महीने को लेकर पैगंबर इस्लाम ने कहा है, रमजान की शुरुआत में रहमत है, बीच में मगफिरत यानी माफी है और इसके आखिर में जहन्नुम की आग से बचाव है। इस बार कोरोना महामारी के संक्रमित तेजी से बढ़ रहे हैं। रोजेदार नमाज, तरावीह में कोरोना खात्मे की दुआ कर रहे हैं।

दरगाहों, मजारों पर न हो भीड़, रहेगी चौकसी

केंद्रीय पर्यटन मंत्री प्रहलाद पटेल ने ट्वीट करके जानकारी दी थी कि कोरोना के बढ़ते प्रकोप के चलते ताजमहल समेत सभी एएसआई संरक्षित स्मारक 15 मई तक बंद दिए गए हैं। कोरोना की रोकथाम करने के लिए धार्मिक स्थलों पर खास तौर पर निगरानी रखी गई है। दरगाह मजारों पर भीड़ न हो पुलिस प्रशासन ने सख्ती की है। शुक्रवार को जुमा की नमाज को लेकर शहर से देहात की मस्जिदों के बाहर पुलिस का पहरा रहा। पुलिस ऐसे इलाकों में गश्त भी करती रही।

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