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उगते सूर्य को अर्घ्य देकर किया छठी व्रत का पारण

उगते सूर्य को अर्घ्य देकर किया छठी व्रत का पारण

1 / 4प्रकृति प्रेम और सूर्योपासना का चार दिवसीय छठ पर्व बुधवार को हर्षोल्लास के साथ पूरा हो गया। व्रती महिलाओं ने घाट पर भगवान भाष्कर को अर्घ्य देकर पुत्र, परिवार और समाज के कल्याण की मंगलकामना की।...

उगते सूर्य को अर्घ्य देकर किया छठी व्रत का पारण

2 / 4प्रकृति प्रेम और सूर्योपासना का चार दिवसीय छठ पर्व बुधवार को हर्षोल्लास के साथ पूरा हो गया। व्रती महिलाओं ने घाट पर भगवान भाष्कर को अर्घ्य देकर पुत्र, परिवार और समाज के कल्याण की मंगलकामना की।...

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3 / 4प्रकृति प्रेम और सूर्योपासना का चार दिवसीय छठ पर्व बुधवार को हर्षोल्लास के साथ पूरा हो गया। व्रती महिलाओं ने घाट पर भगवान भाष्कर को अर्घ्य देकर पुत्र, परिवार और समाज के कल्याण की मंगलकामना की।...

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4 / 4प्रकृति प्रेम और सूर्योपासना का चार दिवसीय छठ पर्व बुधवार को हर्षोल्लास के साथ पूरा हो गया। व्रती महिलाओं ने घाट पर भगवान भाष्कर को अर्घ्य देकर पुत्र, परिवार और समाज के कल्याण की मंगलकामना की।...

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प्रकृति प्रेम और सूर्योपासना का चार दिवसीय छठ पर्व बुधवार को हर्षोल्लास के साथ पूरा हो गया। व्रती महिलाओं ने घाट पर भगवान भाष्कर को अर्घ्य देकर पुत्र, परिवार और समाज के कल्याण की मंगलकामना की। महिलाओं ने छठी मैया के गीत गाए और एक-दूसरे को बधाई दी। छठी व्रत का महिलाओं ने प्रसाद खाकर पारण किया और घरों में प्रसाद वितरित किए गए। इस मौके पर घाटों पर फूल-पत्तियों से खूब सजाया गया था।

बीते 12 अक्तूबर को नहाय-खाय के साथ महापर्व डाला छठ आरंभ हुआ था। बुधवार को उदयाचल सूर्य को अर्घ्य देकर महापर्व का समापन हुआ। भोर में ही घर के पुरूष सिर पर दउरी लिए घाटों की तरफ चल पड़े। उनके पीछे छठी मैया के मंगलगीत गाते हुए महिलाएं निकलीं। सभी उल्लास और हर्ष से सराबोर रहे। छठी मैया से गीतों में कल्याण की प्रार्थना करते महिलाओं का जत्था देवरनिया नदी पर बने घाट पर पहुंचा। वहां बांस की दउरी में केला, अमरूद समेत मौसमी फल, अन्न और प्रसाद लेकर महिलाओं ने श्रद्धापूर्वक भगवान भाष्कर को अर्घ्य दिया। हाथ जोड़कर उनसे पुत्र कल्याण, परिवार-समाज के सुख का आशीर्वाद मांगा। व्रती महिलाओं ने घाटों पर बनी वेदिका की पूजा की। उनको सिंदूर, प्रसाद, रोरी, रक्षा चढ़ाया। व्रती महिलाओं ने एक-दूसरे को छठ पूजा की बधाई दी और अगले बरस छठी मैया से फिर खुशियां लेकर आने का वरदान मांगा। रुहेलखंड विश्वविद्यालय परिसर, नकटिया नदी, रामगंगा नदी और इज्जतनगर रेलवे कालोनी शिव पार्वती मंदिर में भी छठ पर्व धूमधाम से मनाया गया। अंधेरे में ही यहां महिलाएं और पुरुष जुट गए थे। भोर से सुबह तक यहां पूजा का क्रम चलता रहा।

ठोकवा प्रसाद खाकर किया व्रत का पारण

करीब 36 घंटे के छठी व्रत का महिलाओं ने बुधवार को विधिविधान से पारण किया। महिलाओं ने घाट पर सूर्यदेव का अर्घ्य देने के बाद ठोकवा समेत अन्य प्रसाद ग्रहण किया और परंपरागत तरीके से छठी पूजा संपूर्ण की। व्रती महिलाओं ने छठी मैया के मंगलगीत गाए और आसपड़ोस के घरों में ठोकवा समेत अन्य प्रसाद वितरित किया।

घाट के रास्ते पर था अंधेरा

घाट तक जाने के रास्ते पर अंधेरा होने की वजह से व्रती महिलाओं और घरवालों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ा। देवरनिया नदी पर बने घाट की तरफ भोर में लाइट का खास इंतजाम नहीं था। खासकर खेत के किनारे बने रास्ते पर अंधेरा था। महिलाओं के साथ घर के छोटे बच्चे भी थे। अंधेरा होने की वजह से किसी को रास्ता ही नहीं सूझ रहा था।

खूब खींची फोटो, जमकर ली सेल्फी

महापर्व डाला छठ की सुनहरी याद लोगों ने मोबाइल में कैद की। घाट पर छठ पूजा के दौरान जमकर फोटोग्राफी हुई। लोगों ने परिवार के साथ फोटो खींची और खूब सेल्फी ली। उगते सूर्यदेव को जब व्रती महिलाओं ने अर्घ्य दिया तो परिजनों ने उनकी फोटो याद के लिए कैमरे में कैद कर ली।

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  • Web Title:By passing the rising sun the passage of the Chhath Fast Bareilly news UP