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सॉफ्टवेयर से खुद पास हो रहा मकान का नक्शा, भूखंड स्वामियों को बड़ी राहत

सॉफ्टवेयर से खुद पास हो रहा मकान का नक्शा, भूखंड स्वामियों को बड़ी राहत

संक्षेप:

Bareily News - -बीडीए में नए बिल्डिंग बायलॉज के तहत फास्ट ट्रैक फास्ट पास सिस्टम है लागू सॉफ्टवेयर से खुद पास हो रहा मकान का नक्शा, भूखंड स्वामियों को बड़ी राहत

Jan 16, 2026 02:02 am ISTNewswrap हिन्दुस्तान, बरेली
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बरेली। बीडीए में नए बिल्डिंग बायलॉज के तहत फास्ट ट्रैक फास्ट पास सिस्टम लागू होने के बाद भूखंड स्वामियों को बड़ी राहत मिली है। अब लोग अपने मकान और व्यावसायिक भवनों का नक्शा खुद ही सॉफ्टवेयर के माध्यम से ऑनलाइन पास करा रहे हैं, जिससे समय और परेशानी दोनों में कमी आई है। फास्ट पास प्रणाली के तहत भूखंड स्वामी स्वयं अपने अभिलेख प्रमाणित कर ऑनलाइन अपलोड कर रहे हैं और मानचित्र भी स्वीकृत हो रहा है। इस व्यवस्था में 100 वर्गमीटर तक के आवासीय भवनों और 30 वर्गमीटर तक के व्यावसायिक (कमर्शियल) भवनों का नक्शा संपत्ति का स्वामी खुद पास कर सकता है।

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इसके लिए भूखंड स्वामी को निर्धारित वेबसाइट पर ऑनलाइन आवेदन करना होता है। आवेदन करते ही सॉफ्टवेयर सभी मानकों की स्वतः जांच करता है और चंद मिनटों में नक्शे की स्वीकृति मिल जाती है। पारदर्शी बनी प्रक्रिया पूरी प्रक्रिया को डिजिटल, पारदर्शी और सरल रखा गया है, जिससे मानवीय हस्तक्षेप पहले की तुलना में काफी कम हो गया है। इससे नक्शा पास कराने में होने वाली देरी, बार-बार दफ्तरों के चक्कर और अनावश्यक परेशानियां खत्म हो गई हैं। बीडीए अधिकारियों के अनुसार नई व्यवस्था से शहर में मकान और दुकान बनाने जा रहे लोगों को सीधा लाभ मिल रहा है। बीडीए उपाध्यक्ष डॉ. ए मनिकंडन ने बताया कि नए साफ्टवेयर के जरिए भूखंड स्वामी को अपने मकान व दुकान का नक्शा स्वयं पास करने के लिए उन्हें आनलाइन आवेदन कर रहे हैं। इस नई व्यवस्था से शहर में अपना मकान व दुकान बनाने जा रहे लोगों को बड़ी राहत मिल रही है। मानचित्र पास कराने की प्रक्रिया में होने वाली देरी और अनावश्यक परेशानी भी खत्म हो गई है। ऐसे करें आवेदन आवेदन की शुरुआत map.up.gov.in पोर्टल पर नाम व मोबाइल नंबर रजिस्टर करने से होगी। इसके बाद लागिन आईडी और पासवर्ड बनाकर आवेदक अपना मानचित्र अपलोड कर सकेंगे। पोर्टल पर ही गणना के अनुसार देय शुल्कों के भुगतान की सुविधा होगी। खास बात यह है कि आवेदन सबमिट होते ही सिस्टम स्वतः मानकों के आधार पर मानचित्र की जांच करेगा।