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बरेली

बिना संसाधनों के रोडवेज बसों में कोरोना से लड़ाई

हिन्दुस्तान टीम,बरेलीPublished By: Newswrap
Sun, 13 Jun 2021 03:21 AM
बिना संसाधनों के रोडवेज बसों में कोरोना से लड़ाई

कोरोना का प्रकोप कम होने के बाद लापरवाही बढ़ने लगी है। सोशल डिस्टेंसिंग का पालन तक नहीं किया जा रहा। सार्वजनिक परिवहन सेवाओं में संक्रमण से बचाव के इंतजामों का हाल और बुरा है। रोडवेज बसों में संक्रमण बचाव के इंतजाम कागजी बन गए हैं।

आलम यह है कि रूट पर दौड़ रही बरेली और रुहेलखंड डिपो की 350 से अधिक रोडवेज बसों में एक पर भी थर्मल स्कैनिंग मशीन तक नहीं है। एक जगह से दूसरी जगह सफर करने वालों से संक्रमण का डर है। बावजूद इसके रोडवेज अफसर इस दिशा में लापरवाह बने हुए हैं। रोडवेज बसों में ड्यूटी पर जाने वाले परिचालकों को सेनेटाइजर तक उपलब्ध नहीं कराया जा रहा। बिना मास्क सफर की इजाजत ना देने वाले नियम का भी पालन नहीं हो रहा। बस अड्डे पर भी संक्रमण बचाव के पर्याप्त इंतजाम नहीं है। शहर के दोनों बस अड्डों पर लंबे समय से जांच के लिए कोई कैंप नहीं लगाया गया है। इसको लेकर रोडवेज यूनियनों ने सवाल भी उठाए हैं।

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खराब पड़ी ऑटोमेटिक सेनेटाइजेशन मशीन

शहर के दोनों बस अड्डों पर कुछ समय पहले ऑटोमेटिक सेनेटाइजेशन मशीनें लगाई गई थीं। दोनों ही जगह मशीनें काफी समय पहले खराब हो चुकी हैं। मशीनें खराब होने की वजह से बस अड्डा पहुंचने वाले लोग हाथ सेनेटाइज ही नहीं कर पा रहे।

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नहीं मिल रहा सस्ती दर वाला मास्क

रोडवेज बसों में बिना मास्क वाले यात्रियों के सफर पर पाबंदी है। बिना मास्क बस में चढ़ने वाले लोगों को पांच रुपये लेकर बस के अंदर ही मास्क उपलब्ध कराने की योजना बनाई गई थी। लंबे समय से रुहेलखंड और बरेली डिपो की बसों में यात्रियों को मास्क नहीं मिल रहे।

वर्जन:

रोडवेज बसों में संक्रमण से बचाव के पूरे इंतजाम हैं। अगर परिचालक बिना मास्क वाले यात्रियों को बैठा रहे हैं तो उनपर कार्रवाई होगी। खराब पड़ी सेनेटाइजेशन मशीनों को ठीक करवाया जाएगा।

आरके त्रिपाठी, आरएम रोडवेज

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