पार्कों को संवारने में करोंड़ो खर्च, अनदेखी से कबाड़ हो रहे उपकरण

Jan 17, 2026 02:09 am ISTNewswrap हिन्दुस्तान, बरेली
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Bareily News - नगर निगम ने गांधी उद्यान और अक्षर विहार पार्कों को आधुनिक सुविधाओं से लैस करने के लिए 14.84 करोड़ रुपये खर्च किए, लेकिन सिस्टम बंद पड़े हैं। महंगे प्रोजेक्ट शोपीस बनकर रह गए हैं। अधिकारियों ने कार्यदायी एजेंसियों को नोटिस दिया, लेकिन सुधार कार्य शुरू नहीं हुआ। जनता निराश है।

पार्कों को संवारने में करोंड़ो खर्च, अनदेखी से कबाड़ हो रहे उपकरण

नगर निगम ने शहर के दो प्रमुख पार्कों गांधी उद्यान और अक्षर विहार को आधुनिक सुविधाओं से लैस करने के नाम पर 14.84 करोड़ रुपये खर्च कर दिए, लेकिन हालात यह हैं कि करोड़ों की लागत से लगाए गए सिस्टम आज बंद पड़े हैं और जनता को कोई सुविधा नहीं मिल पा रही है। महंगे प्रोजेक्ट शोपीस बनकर रह गए हैं, जिससे बरेली स्मार्ट सिटी की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े हो रहे हैं। बरेली स्मार्ट सिटी परियोजना के तहत अक्षर विहार में आकर्षण का केंद्र बनाए गए 8.37 करोड़ रुपये की लागत वाले मल्टीमीडिया लेजर फाउंटेन को शुरू किया गया था, लेकिन वर्तमान में फाउंटेन और लाइटिंग सिस्टम निष्क्रिय पड़े हैं और पार्क में आने वाले लोग निराश होकर लौट रहे हैं।

इसी तरह गांधी उद्यान में लगाए गए 1.64 करोड़ रुपये के म्यूजिकल फाउंटेन और साउंड सिस्टम भी लंबे समय से खराब पड़े हैं। न तो संगीत बजता है और न ही फाउंटेन चलता है। पार्क की खूबसूरती बढ़ाने के लिए किया गया यह खर्च अब कबाड़ में तब्दील होता नजर आ रहा है। ब्यूटीफिकेशन पर करोड़ों रुपये खर्च अक्षर विहार के रेन्यूवेशन पर 4 करोड़ रुपये, जबकि गांधी उद्यान के ब्यूटीफिकेशन पर 83 लाख रुपये खर्च किए गए थे। इसके बावजूद न तो रखरखाव की समुचित व्यवस्था की गई और न ही खराब सिस्टम को समय पर ठीक कराया गया। इन महंगे प्रोजेक्ट्स के खराब होने के बाद उनकी मरम्मत में लगातार देरी हो रही है और इसकी जिम्मेदारी किसकी है। अधिकारी इस मामले में कार्यदायी एजेंसियों को नोटिस तो दे दिए लेकिन एजेंसियों ने काम शुरू नहीं किया। फैक्ट्स -7.59 करोड़ पुरानी जेल में लाइट एंड साउंड शो लगा -8.37 करोड़ में अक्षर विहार में मल्टी मीडिया लेजर सिस्टम, फाउंटेन लगा -85 लाख में गांधी उद्यान में म्यूजिकल सिस्टम लगा -79 लाख में म्यूजिक फाउंटेन लगा -4.09 करोड़ में अक्षर विहार का रेन्यूवेशन हुआ -83 लाख में गांधी उद्यान का ब्यूटीफिकेशन किया युवा बोले गांधी उद्यान इतना पैसा लगा, फिर भी फाउंटेन बंद पड़े हैं। लगता है करोड़ों सिर्फ कागज़ों में बहे हैं। सय्यदा राजिया अक्षर विहार लेजर फाउंटेन देखने आए थे, यहां तो अंधेरा पसरा है। 8 करोड़ खर्च हुए, फायदा किसी को नहीं मिल रहा है। सनाया पार्कों की बस रंग-पुताई दिखती है। सुविधाएं नहीं, सिर्फ बोर्ड चमक रहे हैं। म्यूजिकल फाउंटेन तक बंद पड़े हुए हैं। आसिफ शुरूआत में तो पार्क में मल्टीमीडिया लेजर, म्यूजिकल सिस्टम नजर आए, अब ये सब दिखावा नजर आ रहे हैं। राशिद कार्यदायी एजेंसी को नोटिस जारी किए गए हैं। अक्षर विहार और गांधी उद्यान में लगे सिस्टम को सही कराने के निर्देश दिए गए हैं। संजीव कुमार मौर्य, सीईओ बरेली स्मार्ट सिटी कंपनी

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