- हजरत वासिल वतन के लिये हुये शहीद: शहर इमाम DA Image
6 दिसंबर, 2019|9:14|IST

अगली स्टोरी

class="fa fa-bell">ब्रेकिंग:

हजरत वासिल वतन के लिये हुये शहीद: शहर इमाम

default image

हजरत वासिल वतन के लिये हुये शहीद: शहर इमामपहलवान सहाब दरगाह पर हुई कुल की रस्म अदाफोटो-दीपबरेली। हिन्दुस्तान संवादनॉवल्टी स्थित दरगाह हजरत वासिल उर्फ पहलवान साहब के चार रोजा उर्स का समापन हो गया। जिसमें उलेमाओं ने तकरीरी प्रोग्राम किया। इसके साथ ही हजरत पहलवान साहब की जिन्दगी पर रोशनी डाली गई।मंगलवार को मौलाना तौकीर रजा की सरपरस्ती में हजरत वासिल शहीद उर्फ पहलवान साहब के कुल की रस्म अदा की गई। यह कार्यक्रम मुफ्ती कारी, डॉ. फुरकान रजा नूरी, मुदर्रिस रजवी की सदारत में हुआ। संचालन शहर इमाम मुफ्ती खुर्शीद आलम और डॉ. नफीस खां की देखरेख में किया गया। प्रोग्राम की शुरुआत फज्र की नमाज के बाद कुरान ख्वानी से हुई। इसके बाद नातो मनकबत का नजारान पेश किया गया। कुल की रस्म से पहले शहर इमाम मुफ्ती खुर्शीद आलम ने तकरीर में पहलवान सहाब के जीवन पर रोशनी डाली। कहा कि पहलवान सहाब वतन के लिए अंग्रेजों के हाथों शहीद हुए थे। जिनकी मजार उसी जगह बनाई गई। मुफ्ती आफाक, मौलाना याकूब, मौलाना सनाउल्लाह ने तकरीर व नातों मनकबत का नजराना पेश किया। इसी के साथ कुल की रस्म 11:40 पर आदा कर चार रोजा उर्स का समापन हो गया। इस मौके पर इमरान खान, नोमान रजा, फरहान रजा, मोहम्मद शफी, वासिफ यार खां, रहबर अंसारी, रिजवान अंसारी, शहजाद पठान, सय्यद मुजफ्फर अली, निजाम कुरैशी, सय्यद बाबर अली, सय्यद यावर अली, मोहम्मद आरिश मौजूद रहे। कुल की रस्म के बाद पर्ची द्वारा नाम आने पर एक साइकिल, एक कूलर, पंखा, अजमेर शरीफ के 10 टिकट भी दिये गये।

  • Hindi Newsसे जुडी अन्य ख़बरों की जानकारी के लिए हमें पर ज्वाइन करें और पर फॉलो करें
  • Web Title: