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बनारस-मेरठ से ज्यादा इस जिले में कट सकते हैं नाम, एसआईआर का 99.11 फीसदी काम पूरा

बनारस-मेरठ से ज्यादा इस जिले में कट सकते हैं नाम, एसआईआर का 99.11 फीसदी काम पूरा

संक्षेप:

यूपी में बड़ी संख्या में मतदाताओं के नाम कटने की जो आशंका जताई जा रही थी, वह सही साबित हो रही है। वाराणसी-मेरठ में पांच-पांच लाख मतदाताओं के नाम कटने की आशंका के बीच एक ऐसा जिला है जहां सात लाख से ज्यादा वोट कटने जा रहे हैं।

Dec 09, 2025 08:07 am ISTYogesh Yadav लाइव हिन्दुस्तान
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उत्तर प्रदेश में मतदाता विशेष पुनरीक्षण कार्य तेज गति से चल रहा है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ खुद लगातार इसकी समीक्षा कर रहे हैं। विधायकों और नेताओं को टास्क सौंपा गया है। बड़ी संख्या में मतदाताओं के नाम कटने की जो आशंका जताई जा रही थी, वह सही साबित हो रही है। वाराणसी-मेरठ में पांच-पांच लाख मतदाताओं के नाम कटने की आशंका के बीच बरेली में इन दोनों जिले से ज्यादा सात लाख नाम कटने की स्थिति दिखाई दे रही है। बरेली में एसआईआर का 99.11 फीसदी कार्य पूर्ण हो गया है। 7 लाख 17 हजार 858 नाम अनुपस्थित, स्थानांतरित, पहले से कहीं दर्ज और मृतक (एएसडी) मतदाताओं के रूप में दर्ज किए गए हैं। इन लोगों के नाम मतदाता सूची से काटे जा सकते हैं। हालांकि अभी इन्हें नाम दर्ज कराने का अवसर दिया जाएगा।

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एसआईआर के तहत जिले के 34,05,820 मतदाताओं के सापेक्ष 26,57,587 यानी कि 78.03 फीसदी फॉर्म डिजिटाइज किए जा चुके है। 2,44,701 मतदाताओं को एब्सेंट में दर्ज किया गया है। 2,87,549 मतदाता स्थायी रूप से जिले में शिफ्ट हो चुके हैं। 1,13,693 मतदाताओं की मृत्यु हो चुकी है। 55,761 मतदाता पहले से ही कहीं पंजीकृत हैं। 16,154 को अन्य में दर्ज किया गया है। कुल 7,17,858 यानी कि 21.08% मतदाता एएसडी (एब्सेंट, शिफ्टेड और डेथ) के रूप में पाए गए हैं।

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सबसे ज्यादा 36.61% नाम कैंट में पाए गए हैं। दूसरे नंबर पर बरेली शहर है, जहां ऐसे वोटरों का प्रतिशत 34.65 है। इनकी अलग से सूची तैयार की जा रही है। इस सूची को राजनैतिक दलों के बीएलए के साथ भी साझा किया जाना है। इस संख्या में अभी बदलाव होने की संभावना है। वैसे भी 11 दिसंबर तक मतदाताओं के पास गणना फॉर्म जमा करने का मौका है। हालांकि माना जा रहा है कि भविष्य में इनका नाम मतदाता सूची से काटा जा सकता है।

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इसके अलावा जिले में 13.81% यानी कि 4,70,490 वोटर ऐसे हैं जिनका लिंक 2003 से नहीं मिल रहा है। अभी बीएलओ के माध्यम से अधिक से अधिक लोगों की मैपिंग कराई जा रही है। कोशिश है कि और नाम मैपिंग में आ जाएं। इसके बाद भी जो नाम बचेंगे, उनको नोटिस जाएंगे। इसके बाद यह लोग अपने डॉक्यूमेंट देंगे।

12-13 तारीख को चलेगा विशेष अभियान

उप जिला निर्वाचन अधिकारी संतोष कुमार सिंह ने बताया कि 12 और 13 तारीख को सभी जगह बीएलओ और बीएलए साथ में बैठक करेंगे। बीएलए को एएसडी लिस्ट दी जाएगी। यदि बीएलए इस लिस्ट में शामिल किसी व्यक्ति को खोजकर देते हैं तो उसका गणना प्रपत्र भरवाया जाएगा। इसके साथ ही सभी बीएलओ को फार्म-6 भी दिया जाएगा। इसके जरिये नया मतदाता बना जा सकता है। कुल मिलाकर यदि एएसडी का कोई व्यक्ति सामने आता है तो उसके पास बाद में भी फार्म भरने का अवसर रहेगा।