
इस सरकारी स्कूल में बच्चों के साथ मां-बाप को भी दी जा रही है AI की ट्रेनिंग
बरेली के मटिया नगला प्राथमिक विद्यालय में हर महीने दो दिन की कार्यशाला में छात्र-छात्राओं के साथ उनके मां-बाप भी आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस की ट्रेनिंग ले रहे हैं। उन्हें रोज के काम में एआई टूल्स का उपयोग करना सिखाया जा रहा है।
बरेली जिले के फरीदपुर ब्लॉक के प्राथमिक विद्यालय मटिया नगला में पढ़ाई का माहौल बदल सा गया है। यहां बच्चे केवल ‘ए फॉर एप्पल’ नहीं, बल्कि ‘ए फॉर आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस’ का पाठ भी पढ़ रहे हैं। सबसे खास बात यह है कि बरेली का यह एकमात्र ऐसा सरकारी स्कूल है, जहां पर छात्र-छात्राओं के साथ उनके अभिभावकों को भी आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) के उपयोग की ट्रेनिंग दी जा रही है। यह अभिनव पहल राज्य आईसीटी पुरस्कार से सम्मानित प्रधानाध्यापक डॉ. अमित शर्मा ने की है।
डॉ. अमित शर्मा कहते हैं कि अब समय तकनीक और एआई का है। यदि बच्चों को शुरुआत से ही इससे परिचित करा देंगे तो वे भविष्य की चुनौतियों के लिए बेहतर तरीके से तैयार होंगे। इसी सोच से उन्होंने स्कूल में एआई आधारित शिक्षा को बढ़ावा देना शुरू किया। उनके नेतृत्व में विद्यालय में नियमित रूप से आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस से जुड़े कार्यक्रम आयोजित होते हैं।
हर महीने दो दिन की कार्यशाला में बुलाए जाते हैं बच्चों के माता-पिता
स्कूल में हर महीने दो दिन का वर्कशॉप कराया जाता है, जिसमें बच्चों के साथ उनके माता-पिता भी शामिल होते हैं। इन कार्यशालाओं में एआई की कार्यप्रणाली, दैनिक जीवन में इसके इस्तेमाल और प्रमुख एआई टूल्स की जानकारी सरल भाषा में दी जाती है। पीपीटी और लाइव डेमो देकर यह बताया जाता है कि एआई किस तरह पढ़ाई, जानकारी जुटाने, लेखन, गणना और रचनात्मक कार्यों में मददगार हो सकता है। अभिभावकों को भी यह समझाया जाता है कि वे अपने बच्चों को तकनीक का सही और सुरक्षित उपयोग कैसे सिखा सकते हैं।
छोटे-छोटे प्रोजेक्ट देकर कराते हैं एआई की व्यवहारिक समझ
डॉ. अमित शर्मा बताते हैं कि वे बच्चों को छोटे-छोटे प्रोजेक्ट देते हैं, जिन्हें पूरा करने के लिए बच्चे एआई प्लेटफॉर्म का सहारा लेते हैं। इन प्रोजेक्ट्स में बच्चे चैट जीपीटी, जेमिनी, ग्रोक जैसे एआई टूल्स का उपयोग करते हैं। खुद प्रयोग करने से बच्चों में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस की व्यवहारिक समझ विकसित हो रही है। वे सीख रहे हैं कि एआई को किस तरह सकारात्मक और रचनात्मक कार्यों में इस्तेमाल किया जा सकता है।






