साध्वी पर टिप्पणी कर फंसे बरेली के चीफ प्रॉक्टर, छात्रों का कॉलेज में बवाल, बर्खास्तगी पर अड़े
बरेली कॉलेज के चीफ प्रॉक्टर प्रो. आलोक खरे की एक कथित अपमानजनक सोशल मीडिया पोस्ट को लेकर एबीवीपी (ABVP) कार्यकर्ताओं ने कॉलेज परिसर में जमकर बवाल किया। कार्यकर्ताओं ने उन पर महिला साध्वी के अपमान का आरोप लगाते हुए उनके कार्यालय पर ताला जड़ दिया और बर्खास्तगी की मांग पर अड़ गए।

UP News: चीफ प्रॉक्टर प्रो. आलोक खरे की सोशल मीडिया पोस्ट को लेकर बरेली कॉलेज में विवाद गहरा गया है। एबीवीपी कार्यकर्ताओं ने आरोप लगाया कि पोस्ट में महिला साध्वी के प्रति अपमानजनक टिप्पणी की गई है, जो नारी सम्मान और सांस्कृतिक मूल्यों के खिलाफ है। यदि प्रोफेसर पर दंडात्मक कार्रवारई के साथ ही उन्हें पद से नहीं हटाया गया तो उग्र आंदोलन किया जाएगा।
बुधवार को चीफ प्रॉक्टर प्रोफेसर खरे के विरोध में कार्यकर्ताओं ने पहले परिसर में मार्च निकाला, फिर प्राचार्य कार्यालय का घेराव कर नारेबाजी की। इसके बाद चीफ प्रॉक्टोरियल कार्यालय पर ताला जड़कर चाबी प्राचार्य को सौंप दी। चीफ प्रॉक्टर द्वारा की गई पोस्ट से आक्रोशित एबीवीपी पदाधिकारियों व कार्यकर्ताओं ने चीफ प्रॉक्टोरियल कार्यालय पर ताला डाल चाबी प्राचार्य को दी। चीफ प्रॉक्टर को पद से हटाए जाने व इंदीवर सिंह चौहान को अग्रिम आदेशों तक कार्यभार दिए जाने का निर्देश जारी करने पर सभी शांत हुए।
30 मार्च को ही चीफ प्रॉक्टर ने दिया था त्यागपत्र: प्रो. आलोक खरे ने बताया कि उनके सेवानिवृत्त का समय नजदीक है। चार साल बिना विवादों के कार्यकाल पूर्ण करने के बाद 30 मार्च को ही अपने पद से त्याग पत्र का लेटर प्राचार्य को दिया था। प्राचार्य ने जल्द उन्हें पद से अवमुक्त करने का आश्वासन दिया था। बुधवार को प्राचार्य का घेराव होने की जानकारी पर प्राचार्य कार्यालय पहुंचा तो वहीं एबीवीपी कार्यकर्ताओं के साथ मौजूद अराजकतत्वों ने गालीगलौज करने के साथ धक्का-मुक्की व हाथापाई करने का प्रयास किया।
इससे पहले 11 बजे उनके कार्यालय में ताला डाल दिया। पूरी घटना सीसीटीवी कैमरे में रिकॉर्ड है। उन्होंने प्राचार्य से मामले में कानूनी, अनुशासनात्मक कार्रवाई की मांग की है। मामले में प्राचार्य का घेराव करने वालों में विभाग संगठन मंत्री विकास गोला, रवि प्रताप सिंह, विपिन शर्मा, कुनाल शर्मा, पुष्पेंद्र कठेरिया, आदित्य यादव, दीपांशु चौधरी, हिमांशी, काव्या गंगवार, रोशनी ठाकुर आदि रहे।
बरेली कॉलेज शिक्षक संघ महासचिव प्रो. वीपी सिंह ने कहा कि प्राचार्य कार्यालय में जिन भी अराजकतत्वों ने हमारे चीफ प्रॉक्टर के साथ अभद्र व्यवहार किया वह अशोभनीय, निंदनीय व बर्दाश्त करने योग्य नहीं है। अगर किसी को कोई शिकायत थी तो उसके तमाम फोरम है। शिक्षकों के साथ हाथापाई करने का किसी को अधिकार नहीं है। प्राचार्य से मामले में कठोर कार्रवाई की मांग की गई है।
महानगर अध्यक्ष सछास विक्रांत सिंह पाल के अनुसार बरेली कॉलेज के चीफ प्रॉक्टर प्रो. आलोक खरे के साथ एबीवीपी कार्यकर्ताओं द्वारा प्राचार्य कार्यालय में की गई अभद्रता की सख्त निंदा करते हैं। यह घटना न केवल शिक्षण संस्थानों की गरिमा के विरुद्ध है, बल्कि गिरते हुए राजनीतिक स्तर को भी उजागर करती है। -
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Yogesh Yadavयोगेश यादव लाइव हिन्दुस्तान में पिछले छह वर्षों से यूपी सेक्शन को देख रहे हैं। यूपी की राजनीति, क्राइम और करेंट अफेयर से जुड़ी खबरों को कवर करने की जिम्मेदारी निभा रहे हैं। यूपी की राजनीतिक खबरों के साथ क्राइम की खबरों पर खास पकड़ रखते हैं। यूपी में हो रहे विकास कार्यों, शहरों और ग्रामीण क्षेत्रों में आ रहे बदलाव के साथ यहां की मूलभूत समस्याओं पर गहरी नजर रखते हैं।
पत्रकारिता में दो दशक का लंबा अनुभव रखने वाले योगेश ने डिजिटल से पहले प्रिंट में अपनी विशिष्ट पहचान बनाई। लम्बे समय तक हिन्दुस्तान वाराणसी में सिटी और पूर्वांचल के नौ जिलों की अपकंट्री टीम को लीड किया है। वाराणसी से पहले चड़ीगढ़ और प्रयागराज हिन्दुस्तान को लांच कराने वाली टीम में शामिल रहे। प्रयागराज की सिटी टीम का नेतृत्व भी किया।
बनारस हिंदू यूनिवर्सिटी (BHU) से बीकॉम में ग्रेजुएट और बनारस की ही काशी विद्यापीठ से मास कम्युनिकेशन में पोस्ट ग्रेजुएट योगेश ने कई स्पेशल प्रोजेक्ट पर काम भी किया है। राष्ट्रीय नेताओं के दौरों को कवर करते हुए उनके इंटरव्यू किये। नेताजी सुभाष चंद्र बोस की मौत से जुड़े रहस्यों पर हिन्दुस्तान के लिए सीरीज भी लिख चुके हैं।


