
Hindustan Special: मोहम्मद शमी की राह पर यूपी का यह गेंदबाज, बंगाल में चटका रहा विकेट
अमरोहा के मोहम्मद शमी की तरह अब बरेली का दिलशाद खान भी बंगाल से क्रिकेट में अपनी पहचान बना रहा है। उत्तर प्रदेश से मौका न मिलने पर जिस तरह मोहम्मद शमी ने वर्ष 2007 में बंगाल से खेलना शुरू किया।
Hindustan Special: उत्तर प्रदेश के अमरोहा के मोहम्मद शमी की तरह अब बरेली का दिलशाद खान भी बंगाल से क्रिकेट में अपनी पहचान बना रहा है। उत्तर प्रदेश से मौका न मिलने पर जिस तरह मोहम्मद शमी ने वर्ष 2007 में बंगाल से खेलना शुरू किया और टीम इंडिया तक पहुंचे, वैसी ही कहानी अब दिलशाद भी लिख रहा है। वह इन दिनों बंगाल की अंडर-19 और अंडर-23 टीम के लिए शानदार गेंदबाजी कर रहा है और राष्ट्रीय चयनकर्ताओं की नजरों में आ चुका है।

दिलशाद एक लेफ्ट आर्म स्पिनर हैं, जिनकी सटीक गेंदबाजी और विकेट लेने की क्षमता ने सभी को प्रभावित किया है। हाल ही में उन्होंने सीके नायडू ट्रॉफी के अंडर-23 मुकाबले में मुंबई के खिलाफ नौ विकेट झटके। इस प्रदर्शन के बाद बंगाल टीम प्रबंधन और चयनकर्ताओं ने उनके हुनर की सराहना की। वह बंगाल प्रीमियर लीग में मुर्शिदाबाद किंग्स की ओर से खेलते हैं और इस बार उनका दूसरा सीजन चल रहा है। दिलशाद का मानना है कि क्रिकेट में राज्य बदलना उनके लिए सही निर्णय रहा। उनका कहना है कि बंगाल क्रिकेट संघ युवा खिलाड़ियों को बेहतर अवसर देता है। मुझे यहां से खेलने का मौका मिला और लगातार मैचों में खुद को साबित करने का मौका भी।
बचपन से ही देखा क्रिकेटर बनने का सपना
दिलशाद बचपन से ही क्रिकेटर बनने का सपना देखते रहे हैं। उनके पिता शाकिब खान भारतीय पशु चिकित्सा अनुसंधान संस्थान (आईवीआरआई) में कार्यरत हैं। परिवार ने हमेशा उन्हें अपने सपनों को साकार करने के लिए प्रोत्साहित किया। कोच मोहम्मद इमरान के मार्गदर्शन में उन्होंने खेल की बारीकियां सीखीं और अपनी गेंदबाजी में निरंतर सुधार किया। दिलशाद कहते हैं कि टीम इंडिया इस समय बदलाव के दौर से गुजर रही है। कई सीनियर खिलाड़ी संन्यास ले रहे हैं। ऐसे में नए खिलाड़ियों के लिए मौके बन रहे हैं। मुझे भरोसा है कि एक दिन मैं भी भारतीय टीम के लिए खेलता नजर आऊंगा
कई क्रिकेटरों ने दूसरे राज्यों से खेलकर कमाया नाम
क्रिकेट जगत में कई उदाहरण हैं जब अपने राज्य से अवसर न मिलने पर खिलाड़ियों ने दूसरे राज्यों से खेलकर नाम कमाया। मोहम्मद शमी, मनीष पांडे और रॉबिन उथप्पा जैसे नाम इसकी मिसाल हैं। अब इसी सूची में बरेली का दिलशाद खान भी शामिल हो सकता है, जो अपने हर मैच में टीम इंडिया की जर्सी पहनने के सपने को साकार करने की ओर बढ़ रहा है।





