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बाराबंकी-हरियाणा से बिहार 140 यात्री लेकर जा रही अनफिट बस सीज

हिन्दुस्तान टीम,बाराबंकीPublished By: Newswrap
Tue, 03 Aug 2021 07:00 PM
बाराबंकी-हरियाणा से बिहार 140 यात्री लेकर जा रही अनफिट बस सीज

बस का परमिट, फिटनेस व चालक का डीएल निरस्त

मानक से ज्यादा लंबी व ऊंची बनी बस के हिस्से को काटने के आदेश

बाराबंकी। रासनेहीघाट इलाके में हुए बस कांड के बावजूद बस मालिक सबक नहीं ले रहे हैं। 140 यात्रियों की जान जोखिम में डालकर जा रही एक अनफिट बस को मोहम्मदपुर पुलिस चौकी के पास मंगलवार की सुबह प्रवर्तन दल ने पकड़ लिया गया। बस का रिकार्ड खंगाला तो सभी दंग रह गए। डेढ़ साल से बिना फिटनेस और मानक के अनुरूप डेकोरेट की गई बस फर्राटा भरती रही। जिसका संज्ञान लेते हुए प्रमुख सचिव परिवहन ने तत्काल परमिट, फिटनेस और चालक का लाइसेंस निरस्त करने के साथ ही बस का अवैध हिस्से को कटवाने के आदेश दिए हैं।

पानीपत से दरभंगा बिहार जा रही थी बस: उप परिवहन आयुक्त परिक्षेत्र लखनऊ निर्मल प्रसाद के आदेश पर सात अगस्त तक चेकिंग अभियान चलाया जा रहा है। मंगलवार सुबह सात बजे एआरटीओ डॉ. सर्वेश कुमार गौतम व आरएम आरएस वर्मा की संयुक्त टीम मोहम्मदपुर पुलिस चौकी के पास चेकिंग कर रहे थे। इस बीच श्री बाला जी ट्रैवेल्स की एक डबल डेकर बस गुजरी। जिसे अधिकारियों ने रोक कर जांच की तो बस में 140 यात्री मौजूद मिले। यह बस हरियाणा के पानीपत से बिहार के दरभंगा जा रही थी। जो सोमवार की शाम करीब सात बजे बिहार के लिए निकली थी।

आरसी देख दंग रहे गए अधिकारी: एआरटीओ डॉ. सर्वेश गौतम ने बताया कि बस की आरसी चेक की गई तो इसका पंजीकरण बागपत जिले में भारत उपाध्याय के नाम है। जिसका फिटनेस डेढ साल से नहीं हुआ। उसके बावजूद बस का परमिट जारी कर दिया गया। यही नहीं बस का डेकोरेशन शक के दायरे में आने पर एआरटीओ ने बस की नाप करवाई। जिसमें बस मानक से ज्यादा लंबी और ऊंची मिली। श्री गौतम ने बताया कि बस में यात्रियों की संख्या बढ़ाने के लिए उसका आकार बढ़ाया गया है। बड़ी बात यह है कि इसकी आरसी पर यात्रियों की क्षमता का उल्ल्ेाख तक नहीं मिला। इस मामले की सूचना अधिकारियों ने प्रमुख सचिव परिवहन राजेश कुमार सिंह को दी। जिसका संज्ञान लेते हुए प्रमुख सचिव ने बस को सीज करते हुए परमिट और फिटनेस के साथ ही ड्राइवर का लाइसेंस निरस्त करने और बस के बढ़े हिस्से को कटवाने के निर्देश दिए हैं।

नौ जिला पार कर बाराबंकी पहुंची बस: विभागीय अधिकारियों की सांठ-गांठ से डग्गामार बसें यात्रियों की जान जोखिम में डालकर फर्राटा भर रही हैं। यह कहना इसलिए गलत नहीं है कि जो डग्गामारी करने वाली बस क्षमता से अधिक पानीपत से 140 यात्रियों को लेकर बिहार के लिए निकली थी, वह बाराबंकी तक नौ जिला आखिर कैसे पार कर गई। पानीपत से दिल्ली, गाजियाबाद, मथुरा, आगरा, हरदोई, कन्नौज, इटावा व लखनऊ जिले के आरटीओ द्वारा इसकी जांच आखिर क्यों नहीं की गई। बस के ओवरलोड होने से फिर रामसनेहीघाट जैसे हादसा दोहरा सकता था।

दो बसों से दरभंगा भेजे गए 118 यात्री: एआरटीओ प्रशासन पंकज सिंह ने बताया कि जांच के दौरान बाराबंकी के प्रवर्तन दल को बड़ी कामयाबी मिली है। इसको लेकर प्रमुख सचिव परिवहन ने टीम की सराहना की है। प्रमुख सचिव द्वारा भेजी गई दो सरकारी बसों से 118 यात्रियों को दरभंगा भेजा गया है। इस बस का 1.30 लाख रुपये बकाया टैक्स जमा कराया गया है। उन्होने बताया कि आरआई आरके वर्मा द्वारा तकनीकी जांच के बाद ही बस को छोड़ा जाएगा।

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