इबादत का सिलसिला जारी, इफ्तार के बाद दुआओं में उठे हाथ
Barabanki News - बाराबंकी में रमजान के पवित्र माह में इबादत का सिलसिला जारी है। रोजेदार शाम को इफ्तार करते हैं और मगरिब की नमाज अदा कर दुआ मांगते हैं। इस दौरान परिवार और समाज में अमन-चैन की दुआ की जाती है। रमजान का माह सब्र, त्याग और भाईचारे का संदेश देता है, साथ ही जरूरतमंदों की मदद का भी महत्व है।

बाराबंकी। पवित्र माह रमजान में इबादत का सिलसिला पूरे शहर से लेकर ग्रामीण क्षेत्रों तक जारी है। रोजेदार दिनभर रोजा रखने के बाद शाम को मगरिब की अजान होने पर इफ्तार करते हैं और मगरिब की नमाज अदा कर अल्लाह की बारगाह में हाथ उठाकर दुआ मांगते हैं। इफ्तार के समय घरों, मस्जिदों और मोहल्लों में विशेष रौनक देखने को मिलती है। खजूर, फल, शरबत और विभिन्न पकवानों के साथ रोजा खोला जाता है। इसके बाद मगरिब की नमाज अदा की जाती है और लोग अपने परिवार, समाज और देश में अमन-चैन, तरक्की और खुशहाली की दुआ करते हैं। रात में तरावीह की नमाज पढ़ने केसाथ ही तिलावत भी की जा रही है, कई स्थानों पर बच्चों और युवाओं में भी इबादत के प्रति उत्साह देखने को मिल रहा है।
लोगों का कहना है कि रमजान सब्र, त्याग और भाईचारे का संदेश देता है। इस महीने में लोग जरूरतमंदों की मदद भी कर रहे हैं। पवित्र माह रमजान के दौरान जैदपुर व आसपास के गांवों में काफी अच्छा वातावरण बना हुआ है। इस मौके पर फैजानुररहमान बब्लू, मो. सालिम, आजम अंसारी, फैज सिराज अंसारी, नायाब असांरी, मुईन अंसारी समेत कई लोग मौजूद रहे।
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