ट्रेंडिंग न्यूज़

अगला लेख

अगली खबर पढ़ने के लिए यहाँ टैप करें

Hindi News उत्तर प्रदेश बाराबंकीबदहाल हो गए लाखों के मिनी स्टेडियम, नहीं मिले कोच

बदहाल हो गए लाखों के मिनी स्टेडियम, नहीं मिले कोच

बाराबंकी। ग्रामीण क्षेत्रों में खेलकूद को बढ़ावा देने के लिए मसौली देवा व त्रिवेदीगंज...

बदहाल हो गए लाखों के मिनी स्टेडियम, नहीं मिले कोच
हिन्दुस्तान टीम,बाराबंकीTue, 14 May 2024 06:40 PM
ऐप पर पढ़ें

बाराबंकी। ग्रामीण क्षेत्रों में खेलकूद को बढ़ावा देने के लिए मसौली देवा व त्रिवेदीगंज विकास खंडों बनाए गए मिनी स्टेडियम बदहाल हो गए हैं। इन स्टेडियमों में आज तक खेल कोचों की तैनाती तक नहीं हो पाई है। जिससे क्षेत्रीय खिलाड़ियों को इसका लाभ नहीं मिला। देख रेख व मरम्मर के अभाव में यहां बने भवन जर्जर हो चुके हैं तो यहां रखे खेल उपकरण जंक लगने से खराब हो चुके हैं।

तीन ब्लॉकों में बनाए गए थे मिनी स्टेडियम: जिले में ग्रामीण क्षेत्रों में खेल प्रतिभाओं को बढ़ावा देने के लिए विकास खंड स्तर पर मिनी स्टेडियम की योजना बनी थी। जिसके तहत विकास खंड देवा के टेरा गांव में मसौली के बड़ागांव में व त्रिवेदीगंज के मंगलपुर ककरी गांव में मिनी स्टेडियम का निर्माण कराया गया है।

नहीं हैंडओवर हुआ स्टेडियम: विकास खंड बनीकोडर के गांव धरौली में लाखों रुपये खर्च कर मिनी स्टेडियम का निर्माण कराया गया। यह निर्माण कार्य सालों पहले पूरा हो चुका है लेकिन कार्यदाई संस्था ने इस स्टेडियम को अभी तक युवा कल्याण विभाग को हैंडओवर नहीं किया गया है।

17 साल पहले हुआ था शिलान्यास: मसौली संवाद के अनुसार विकास खण्ड मसौली की ग्राम पंचायत बड़ागांव में वर्ष 2006 में 30 दिसंबर को मिनी स्टेडियम शिलान्यास प्रदेश सरकार के तत्कालीन कारागार मंत्री राकेश वर्मा की अध्यक्षता में पूर्व केन्द्रीय मंत्री एवं सांसद बेनी प्रसाद वर्मा ने किया था। यह भवन व स्टेडियम कुछ सालों में बन कर तैयार हो गया। इसे युवा कल्याण विभाग को सौंप भी दिया गया। लेकिन इसके बाद इसका कोई सुरसा हाल लेने वाला नहीं रहा। जिसके कारण स्टेडियम का भवन देख रेख व मरम्मत के अभाव में जर्जर हो चुका है। बरसात का पानी बिल्डिंग के अन्दर आने लगा खिड़की, फर्श, छत की टीन क्षतिग्रस्त हो गई। जिस कारण से अन्दर रखे व्यायाम करने वाली खेल सामग्री भी धीरे धीरे खराब हो गई। परिसर में बने शौचालय भी पूरी तरह गन्दगी से पटे पड़े हैं। बाउंड्री भी जगह जगह टूट गई है। परिसर की साफ सफाई व्यवस्था भी चौपट है। ऐसे में ग्रामीण क्षेत्र के युवाओं में छुपी प्रतिभा निखारने का सपना चकनाचूर हो रहा है।

क्षेत्रीय युवा कल्याण अधिकारियों द्वारा इन स्टेडियमों की देख रेख की जाती है। वहां पर पीआरडी जवानों की ड्यूटी लगाई है। कोच नहीं है। इन स्टेडियम में कोचों की तैनाती की प्रक्रिया चल रही है।

अरुन कुमार सिंह, जिला युवा कल्याण अधिकारी

यह हिन्दुस्तान अखबार की ऑटेमेटेड न्यूज फीड है, इसे लाइव हिन्दुस्तान की टीम ने संपादित नहीं किया है।
हिन्दुस्तान का वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें