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बाराबंकी-एमबीए अगर देखेंगे प्रबंधन तो स्वास्थ्य विभाग में खाली हो जाएंगे 85 डाक्टर

हिन्दुस्तान टीम,बाराबंकीNewswrap
Sun, 06 Jun 2021 10:00 PM
बाराबंकी-एमबीए अगर देखेंगे प्रबंधन तो स्वास्थ्य विभाग में खाली हो जाएंगे 85 डाक्टर

मुख्यमंत्री की घोषणा से मरीजों को मिला लाभ

सीएम की घोषणा के बाद डाक्टरों के संगठन में आक्रोश

बाराबंकी। सरकारी अस्पतालों में चिकित्सकों की कमी पूरा करने के लिए मुख्यमंत्री ने घोषणा की अब डॉक्टर सिर्फ मरीजों का इलाज करेंगे, बाकी प्रबंधन का कार्य अब एबीएम वाले संभालेंगे। अगर यह आदेश लागू हुआ तो जिले में 85 डॉक्टर खाली हो जाएंगे। सीएम के आदेश के बाद चिकित्सकों में आक्रोश व्याप्त होने लगा है। संघ के पदाधिकारी बैठक कर इसका विरोध करने की बात कही है।

लागू हुआ आदेश तो खाली होंगे यह पद: मुख्यमंत्री के आदेश लागू हुए तो सीएमओ, जिला पुरुष व महिला अस्पताल के अधीक्षक, सात एडीशनल सीएमओ, चार डिप्टी सीएमओ, 19 सीएचसी के अधीक्षक और 54 पीएचसी अधीक्षक, जिला क्षयरोग अधिकारी, जिला कुष्ठरोग अधिकारी व जिला मलेरिया अधिकारी समेत 100 डाक्टरों के पद खाली हो जाएंगे। प्रशासनिक पदों से मुक्त होने पर यह विशेषज्ञ अगर ओपीडी में मरीज देखेंगे तो जिले में चिकित्सकों की कमी दूर होगी और मरीजों को इसका सीधा लाभ मिलेगा। जिले में रेडियालॉजिस्ट, हड्डी रोग विशेषज्ञ, बेहोशी के चिकित्सक, नेत्र सर्जन आदि की कमी दूर हो जाएगी।

सीएम के आदेश पर डॉक्टरों के संगठन में आक्रोश: प्रांतीय चिकित्सक संघ के पदाधिकारियों व प्रशासनिक अधिकारियों में हड़कंप मचा हुआ है। अधिकारियों का कहना है कि अगर एमबीए वाले पद संभालेंगे तो जूनियर और मेडिकल तकनीकि ज्ञान के अभाव वालों के साथ काम करना मुश्किल होगा। चिकित्सकों की कमी को नए चिकित्सकों की भर्ती कर पूरा करना उचित था। ऐसे ही एमबीबीएस चिकित्सक सरकारी सेवा में नहीं आना चाहते हैं, इस आदेश के बाद सभी छोड़कर भागने लगेंगे। सरकार का यह आदेश किसी को मान्य नहीं होगा। जल्द ही इस संबंध में बैठक कर इसका विरोध करते हुए मुख्यमंत्री को ज्ञापन सौंपा जाएगा।

चिकित्सक मेडिकल लाइन का तकनीकि ज्ञान रखता है। एमबीए को प्रशासनिक कार्य तो लिया जा सकता है, लेकिन तकनीकि ज्ञान के अभाव में आपसी सामांजस्य शायद न बन पाए।

डॉ. रमेश चंद्रा, रिटायर्ड सीएमओ

जो शासन से आदेश मिलेगा उसका पालन किया जाएगा और कराया जाएगा। प्रशासनिक कार्यों को छोड़ मरीज देखने को कहा जाएगा तो अस्पताल में ओपीडी देखना शुरू कर दूंगा।

डॉ. बीकेएस चौहान, वर्तमान सीएमओ

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