सात क्यारियों में नहीं उगे पौधे, बदहाल हो रही नर्सरी
रामनगर के वन विभाग की दिवली पौधशाला में पौधों की तैयारी में समस्या आ रही है। जुलाई में बड़े पौधरोपण अभियान के लिए 1,76,000 पौधों की आवश्यकता है, लेकिन कई क्यारियां खाली हैं। स्थानीय लोग विभागीय कार्यप्रणाली पर सवाल उठा रहे हैं और चिंता व्यक्त कर रहे हैं कि पौधों की कमी से अतिरिक्त खर्च और गुणवत्ता प्रभावित हो सकती है।

रामनगर, संवाददाता। वन विभाग की दिवली पौधशाला में तैयार की जा रही पौध सात क्यारियों में नहीं जमे। जबकि जुलाई माह में बड़े स्तर पर पौधरोपण अभियान चलाया जाना है। ऐसे में समय पर एक लाख छिहत्तर हजार पौधे उपलब्ध होना विभाग के लिए चुनौती होगी। स्थानीय लोगों का कहना है कि पौधशाला की देखरेख और पौध तैयार करने के लिए हर वर्ष बजट आता है इसके बावजूद कई क्यारियां खाली रह जाना विभागीय कर्मचारियों की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े करता है। लोगों का कहना है कि नर्सरी की देखरेख के लिए आया धन आखिर कहां खर्च हुआ जो सात क्यारियों में अभी तक बीजों का अंकुरण नहीं हुआ।
बगल में खाली पड़ी अन्य सात क्यारियों में तो कुछ उगाया हू नहीं गया, वे खाली पड़ी हैं। क्षेत्रीय लोगों का मानना है कि यदि समय रहते पौध तैयार नहीं हुई तो वन विभाग को बाहर से पौधे खरीदने पड़ सकते हैं जिससे अतिरिक्त खर्च बढ़ेगा वहीं पर्यावरण संरक्षण के लिए चलाए जाने वाले पौधरोपण अभियान की गुणवत्ता पर भी असर पड़ सकता है।
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