खाद वितरण में मनमानी पर समिति के सचिव समेत दो पर केस
Barabanki News - सूरतगंज (बाराबंकी) में रबी फसल की तैयारी के दौरान किसानों ने खाद संकट और मनमानी के खिलाफ प्रदर्शन किया। जिलाधिकारी के आदेश पर बिझला सहकारी समिति के सचिव और उनके सहयोगी पर मुकदमा दर्ज किया गया। किसानों ने आरोप लगाया कि सचिव ने निजी लाभ के लिए निर्धारित समय से पहले खाद उठाने का काम किया।

सूरतगंज (बाराबंकी)। रबी फसल की तैयारी में जुटे किसानों के बीच खाद संकट और मनमानी की शिकायतों के बाद प्रशासन ने बड़ा कदम उठाया है। जिलाधिकारी शशांक त्रिपाठी के आदेश पर बिझला सहकारी समिति के मौजूदा सचिव शिवशंकर मिश्रा और उनके सहयोगी आशीष कुमार वर्मा पर लोक सेवक के निर्देशों की अवहेलना का मुकदमा दर्ज किया गया है। यह कार्रवाई उस वीडियो के वायरल होने के बाद हुई है। जिसमें 25 अक्टूबर की सुबह छंगेपुर स्थित बिझला समिति पर निर्धारित समय से पहले ही खाद की ट्रॉली में लोडिंग होती दिखी थी। वीडियो सामने आते ही किसानों में आक्रोश फैल गया था।
समिति खुलने पर जब किसानों ने डीएपी उर्वरक के लिए अपने प्रपत्र दिए, तो सचिव ने उन्हें घंटों दौड़ाया और परेशान किया। इससे नाराज़ किसानों ने मौके पर प्रदर्शन किया था। अगले दिन भारतीय किसान यूनियन (भानूगुट) के पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं ने समिति परिसर में धरना प्रदर्शन किया था। प्रदर्शन कारियों ने सचिव पर भ्रष्टाचार और पक्षपात के गंभीर आरोप लगाते हुए तत्काल कार्रवाई की मांग की थी। मामले की गंभीरता को देखते हुए जिलाधिकारी ने सहायक निबंधन एवं आयुक्त सहकारी समितियां लोकेश त्रिपाठी को जांच सौंप दी थी। एआर कोआपरेटिव ने जांच रिपोर्ट डीएम को सौंपी, जिसके आधार पर सहायक विकास अधिकारी (कोऑपरेटिव) आशाराम वर्मा की तहरीर पर सचिव शिवशंकर मिश्रा और सहयोगी आशीष कुमार वर्मा के खिलाफ मोहम्मदपुर खाला थाने में मुकदमा दर्ज कराया गया। थाना प्रभारी निरीक्षक आशुतोष मिश्रा ने बताया कि दोनों आरोपितों पर लोक सेवक के निर्देशों की अवहेलना के तहत केस दर्ज किया गया है। उधर, क्षेत्र के किसानों का कहना है कि जब सूरतगंज क्षेत्र की करीब 10 सहकारी समितियों में एनपीके और डीएपी उर्वरक की भारी किल्लत है, तो सचिव द्वारा निजी लाभ के लिए निर्धारित समय से पहले खाद उठान करवाना किसानों के साथ सीधी धोखाधड़ी है। प्रशासन की इस कार्रवाई से क्षेत्र की अन्य समितियों में भी हड़कंप मचा हुआ है। किसानों ने उम्मीद जताई है कि अब जिले में खाद वितरण व्यवस्था में पारदर्शिता आएगी और जिम्मेदारों की जवाबदेही तय होगी।

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