Barabanki News: आलू बुवाई के लिए डीएपी व एनपीके खाद के लिए मारामारी

हिन्दुस्तान, बाराबंकी
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Barabanki News: बाराबंकी में आलू की अगेती खेती के लिए किसान खाद की व्यवस्था में जुट गए हैं। समितियों पर खाद की कमी से किसान परेशान हैं। धान की कटाई के बाद आलू की बुवाई का कार्य अक्टूबर में शुरू होगा, लेकिन वर्तमान में एनपीके और डीएपी खाद की पर्याप्त मात्रा की कमी देखी जा रही है, जिससे किसान चिंतित हैं।

Barabanki News: आलू बुवाई के लिए डीएपी व एनपीके खाद के लिए मारामारी

Barabanki News: बाराबंकी, संवाददाता। आलू की अगेती खेती करने वाले किसान बुवाई की तैयारियों को लेकर खाद की व्यवस्था करने में जुट गए हैं। निजी क्षेत्र से लेकर सहकारिता विभाग में डीएपी, एनपीके का पर्याप्त स्टॉक होने के दावों के बीच किसान समितियों पर भटक रहे हैं। खाद क्रय के नए मानक और सचिवों की कमी के चलते खाद की समस्याओं से किसान जूझने लगे हैं। लालमती व बांसमती धान कटते ही शुरू हो जाती है बुवाई: जिले में चार से पांच हजार हेक्टेयर पर जल्दी तैयार होने वाली धान की लालमती व बांसमती प्रजाति की फसल पकने लगी है। इसकी कटाई का कार्य सितंबर के आखिरी सप्ताह में शुरू हो जाएगी। मौसम ठीक रहा तो अक्टूबर के दूसरे सप्ताह से अगेती फसल के लिए आलू की बुवाई का कार्य किसान शुरू कर देते हैं। ऐसे में अगेती खेती करने वाले किसान डीपीएम, पोटाश व एनपीके खाद की खरीदारी में जुट गए हैं। पिछले वर्ष की खाद को लेकर हुई मारामारी को देखते हुए किसान एडवांस में खाद की खरीद करने में जुटे हैं। जिले की 124 समितियों पर सचिवों की कमी के चलते कुछ समितियां सप्ताह में दो या तीन दिन ही खुलती हैं। ऐसे में किसानों की भीड़ बढ़ जाती है.

खाद को लेकर बढ़ने लगी चिंता

मसौली संवाद के अनुसार: आलू की बुवाई का समय नजदीक आते ही किसानों की चिंता बढ़ने लगी है। तैयारी में जुटे किसानों को एनपीके और डीएपी खाद के लिए समितियों का सहारा है, लेकिन समितियों से खाद मिल तो रही है, मगर किसानों की जरूरत के मुताबिक पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध नहीं हो पा रही है। इससे आलू की बुवाई को लेकर किसान मायूस नजर आ रहे हैं।

किसानों की समस्याएँ

क्षेत्र के बड़ागांव, मसौली, हेतमपुर सहित समितियों पर वर्तमान समय में खाद का वितरण किया जा रहा है। किसानों का कहना है कि आलू की बुवाई के लिए जितनी खाद की आवश्यकता है वह पूरी नहीं हो पा रही है। किसान पहले से खाद का इंतजाम करने में जुटे हैं। किसान अशोक वर्मा, सत्य प्रकाश मौर्या, रामू वर्मा, अम्बरीष वर्मा और सतेन्द्र वर्मा सहित अन्य किसानों ने बताया कि समितियों से एनपीके व डीएपी खाद का वितरण हो रहा है, लेकिन उपलब्धता जरूरत के मुकाबले काफी कम है। किसानों को आशंका है कि यदि समय रहते पर्याप्त खाद उपलब्ध नहीं हुई तो आलू की बुवाई प्रभावित हो सकती है.

जिला कृषि अधिकारी की प्रतिक्रिया

इस बारे में जिला कृषि अधिकारी राजितराम का कहना है कि आलू, सरसों व गेहूं आदि फसलों के लिए पर्याप्त डीएपी, यूरिया, एनपीके, एमओपी व एसएसपी है। किसानों को निर्धारित मानकों के आधार पर निजी दुकानों व सहकारिता विभाग की समितियों पर उपलब्ध कराई जाएगी। डीएपी व एनपीके की डिमांड भी लगी है।

सामान्य प्रश्न

✦आलू की बुवाई का कार्य कब शुरू होगा?−
उम्मीद है कि आलू की बुवाई का कार्य अक्टूबर के दूसरे सप्ताह से शुरू होगा।
Hindustan | Bureau

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